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Mathura News: बदला लेने के लिए की थी ई-रिक्शा चालक की हत्या
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चौमुहां। जैंत स्थित शक्ति नगर कॉलोनी के ई-रिक्शा चालक सोनू उर्फ सत्येंद्र की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ढाई साल पहले उनके बेटे की हत्या की गई थी। आरोप ई-रिक्शा चालक पर था। न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने खुद ही अपना बदला लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया।
थाना जैंत पुलिस ने शुक्रवार सुबह छटीकरा के पास से खेमचंद और विष्णु को दबोच लिया। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी मिले हैं। सीओ सदर पीतमपाल सिंह ने बताया कि पकड़े गए मुख्य आरोपी खेमचंद और उसके बेटे विष्णु ने पूछताछ में बताया कि ढाई साल पहले सोनू और उसके साथियों ने खेमचंद के दूसरे बेटे खूबीराम की हत्या कर दी थी। खेमचंद का आरोप है कि उसने पुलिस और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पुलिस ने उस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। आरोपियों के मुताबिक बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए ही सोनू की हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सोनू की गतिविधियों पर कई दिनों से नजर रखी थी। होली की शाम जब सोनू घर पर अकेला था, आरोपियों ने उसका अपहरण किया और सुनसान जगह ले जाकर चाकू से गोद डाला। शव की हालत देखकर साफ था कि हत्यारों के सिर पर बदले का खून सवार था। हत्या के बाद शव को पानीगांव पुल के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
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थाना जैंत पुलिस ने शुक्रवार सुबह छटीकरा के पास से खेमचंद और विष्णु को दबोच लिया। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी मिले हैं। सीओ सदर पीतमपाल सिंह ने बताया कि पकड़े गए मुख्य आरोपी खेमचंद और उसके बेटे विष्णु ने पूछताछ में बताया कि ढाई साल पहले सोनू और उसके साथियों ने खेमचंद के दूसरे बेटे खूबीराम की हत्या कर दी थी। खेमचंद का आरोप है कि उसने पुलिस और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पुलिस ने उस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। आरोपियों के मुताबिक बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए ही सोनू की हत्या की साजिश रची।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सोनू की गतिविधियों पर कई दिनों से नजर रखी थी। होली की शाम जब सोनू घर पर अकेला था, आरोपियों ने उसका अपहरण किया और सुनसान जगह ले जाकर चाकू से गोद डाला। शव की हालत देखकर साफ था कि हत्यारों के सिर पर बदले का खून सवार था। हत्या के बाद शव को पानीगांव पुल के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
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