ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या: जमीन बंटवारे का है विवाद, परिवार के लोगों पर आरोप, फूफा की भी हुई थी हत्या
मथुरा में पुश्तैनी जमीन बंटवारे को लेकर ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में परिवार के लोगों पर ही आरोप है। इससे पहले इसी जमीन को लेकर मृतक के फूफा की हत्या करने की बात सामने आई है।
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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जमीन बंटवारे को लेकर ढाबा संचालक की परिवार के ही लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच करके जानकारी जुटाई। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
मामला हाईवे थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव का है। गांव निवासी लाखन सिंह (42) सौंख रोड पर अपने नाम से ढाबा चलाते थे। बीती रात करीब 10.15 बजे जब वह ढाबे पर बैठे थे। इसी समय बाइक सवार तीन नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे ढाबे पर बैठे लोगों में दहशत फैल गई। एक गोली लाखन सिंह के सीने में लगी। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गए।
हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस टीम
इसके बाद हमलावर फायर करते हुए भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही पहुंचे परिजन लाखन सिंह को अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में टीम लगाई। लेकिन, शनिवार शाम तक किसी का सुराग नहीं लगा।
भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
मृतक के भाई सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर चचेरे भाई बंटी व हिमांशु, चाचा नरपत और बुआ इंद्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में पांच बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। नामजदों की तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है।
मृतक का भाई फूफा की हत्या में था नामजद
थाना हाईवे के एसएचओ छोटेलाल ने बताया कि पुश्तैनी पांच बीघा जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। साल 2014 में लाखन सिंह के फूफा फौजी भूरी सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में लाखन का भाई सुरेंद्र सिंह भी नामजद था। बाद में दोनों परिवारों में समझौता हो गया। अब इस मामले में भूरी सिंह की पत्नी इंद्रा को नामजद किया है।
वारदात के बाद गम में डूबे परिजन
लाखन सिंह की हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उसके परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है। गांव सलेमपुर में सन्नाटा पसरा रहा। एहतियात के लिए सलेमपुर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि गोली लाखन के सीने के बाईं तरफ लगी और फेफड़ों में फंस गई। शरीर के अंदर ही अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे ने देखे हमलावर
बाइक पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाशों ने जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया उस समय ढाबे पर लाखन का बेटा देवेंद्र और एक कर्मचारी भी मौजूद था। देवेंद्र के अनुसार वारदात के बाद भाग रहे बाइक सवार एक नकाबपोश को उसने खींच लिया, इससे नकाब उतर गया। आरोप है कि हमलावर सलेमपुर के ही रहने वाले बंटी और हिमांशु थे जबकि तीसरे का वह चेहरा नहीं देख पाया। लाखन हाईवे थाना क्षेत्र में भरतपुर-मथुरा रोड पर स्थित गांव सलेमपुर का रहने वाला था। गांव में मुख्य मार्ग पर स्थित अपने खेत पर ही उसने ढाबा खोल रखा था।