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धमाके से दहल गया इलाका, कांप गए बाजार

Tue, 24 Jan 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 24 Jan 2017 12:04 AM IST
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public Shocked by explosion
टैंकर में आग भी लग गई
मथुरा रिफाइनरी से 50 मीटर दूर, सामने ही थाना रिफाइनरी। बाड़े में खड़े दर्जनों टैंकर। थोड़ी दूरी पर बिग बाजार। पास में एसपीसीएल और बीपीसीएल के डिपो। ऐसी परिस्थितियों में सोमवार को बाडे़ में वेल्डिंग के दौरान टैंकर फटने के धमाके से दूर-दूर तक का इलाका हिल गया। जिसने आवाज सुनी वह दहशत में आ गया।
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लोगों का कहना है कि गनीमत रही कि फटने वाले टैंकर में पेट्रोलियम पदार्थ नहीं भरा था। ऐसी स्थिति में भयंकर हादसा हो सकता था। हादसे के दौरान आसपास खड़े पेट्रोल-डीजल के टैंकरों के पास तक भी आग नहीं पहुंच सकती थी।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आखिर झुलसे दोनों लोग कैसे बच गए। बावजूद इसके रिफाइनरी पुलिस कतई भी गंभीर नहीं दिखी। ऐसा नहीं कि यह पहला हादसा हो, रिफाइनरी के आसपास पहले भी कई बार हादसे हुए हैं। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि छह माह पहले ज्वलनशील पदार्थों का कार्य करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया था।
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आग की लपटें-धुएं से थमी वाहनों की रफ्तार
हादसे के बाद उठी आग की लपटें और धुएं ने हाईवे पर दौड़ रहे वाहनों की रफ्तार थाम दी। अनहोनी के चलते वाहन चालक हाईवे पर करीब 20 मिनट तक नहीं गुजरे। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हर कोई धुएं के उठते गुबार को लेकर भयभीत दिखा। हादसे के बाद रिफाइनरी पुलिस और फायरब्रिगेड की दमकलें पहुंची। तीन दमकलों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सुचारु हो सका।

दुकानों में आई दरारें, कई का सामान गिरा
टैंकर फटने पर इतनी जोर का धमाका हुआ कि काफी दूर-दूर लोग हिल गए। किसी की दुकान की दीवार में दरार आ गई तो किसी की दुकान का सामान नीचे आ गिरा। घटना के बारे में जानने के लिए लोग उस और दौड़े। बाड़े के पास टैंकर फटा देखकर लोगों को मामला समझ आया। बाड़े के गेट पर फायर सेफ्टी की दुकान चलाने वाले राकेश चतुर्वेदी भी घबरा गए। उनकी दुकान में आई दरार के बाद वह डर के कारण गिर भी गए।


बैटरी फटने के बाद फटा टैंकर
टैंकर फटने का कारण बैटरी का हीट होना बताया जा रहा है। वेल्डिंग करने से पहले मिस्त्री को इंजन के कनेक्शन काटने चाहिए थे, लेकिन ऐसा मिस्त्री ने नहीं किया। उसके बाद लीकेज वाली जगह मिस्त्री ने टैंकर का अर्थ लेकर वेल्डिंग करना शुरू कर दिया। इससे बैटरी हीट होकर फट गई, इसके बाद टैंकर भी फट गया। प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह ने बताया कि बैटरी फटने से टैंकर फटा है। इसमें लापरवाही मिस्त्री ने बरती।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
-2012 में रिफाइनरी के गेट नंबर नौ के चौधरी ढाबे के समीप टैंकर में आग लगी थी।
- आठ मई 2013 को रिफाइनरी के गेट नंबर नौ चार टैंकरों में आग लगी थी।
- 17 सितंबर 2014 को जैंत के समीप कैप्सूल टैंकर में आग।
- दिसबंर 2015 में रैपुराजाट में पेट्रोल भरा टैंकर पलटने से चार महिलाओं की मौत हो गई थी।
- 24 अप्रैल 2016 को रिफाइनरी के गेट नंबर नौ पर ट्रक में भरे खाली गैस सिलेंडरों में आग लग गई थी।

ऐसा कार्य करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। एक बार फिर अभियान चलाकर ऐसे कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार सिंह, एसपी (सिटी)।
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