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कर्मचारी की मौत के बाद हंगामा, जाम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 02 May 2016 12:15 AM IST
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वृंदावन हंगामा
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देशभर में रविवार को मजदूर दिवस मनाया जा रहा था। इधर वृंदावन में एक मजदूर हादसे का शिकार हो गया। वृंदावन के सीवेज पंपिंग स्टेशन के कुएं में मोटर बदलते समय फिटर इलैक्ट्रीशियन गैस रिसाव से बेहोश होकर गिर गए। ऊपर बैठे सफाई कर्मचारी ने साहस दिखाया और उनको बाहर निकाला। लेकिन जब तक कर्मचारी उनको हास्पिटल लेकर पहुंचे उनकी मौत हो चुकी थी।
मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसडीएम के मुआवजे के आश्वासन पर लोग शांत हुए। मामले में पालिका के ईओ, चेयरमैन और सफाई ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी गई है।
मूलरूप से ओल निवासी अशोक (35) करीब 15 वर्ष से जल निगम और नगर पालिका के सीवेज पंपिंग स्टेशन में फिटर इलैक्ट्रीशियन के रूप में ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे थे। वह ज्ञानगुद्ड़ी पंपिंग स्टेशन परिसर में ही क्वार्टर में रहते थे।
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रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे अशोक किशोरपुरा पंपिंग स्टेशन की खराब मोटर को बदलने के लिए पहुंचे। पंप आपरेटर सुरेश को बताकर वह पंपिंग स्टेशन के कुएं में उतर गए। बताया गया कि लगभग 25 फुट नीचे उतरने के बाद अशोक ने मोटर को लगाने के लिए पंप को खोला। पंप के खुलते ही उसमें से गैस का रिसाव हुआ। गैस के असर से अशोक की तबियत बिगड़ी और वह नीचे पानी में गिर गए।
गिरने के दौरान उनका सिर पंप से भी टकराया। सिर में चोट लगने से उनकी चीख निकली। चीख सुनकर पास में मौजूद सुरेश, भगवान सिंह और सफाई कर्मचारी बीरू मौके पर पहुंचे। बीरू मुंह पर कपड़ा लपेटकर कुएं में उतरा और बेहोश हो चुके अशोक को बाहर निकाल लाया। लोग अशोक को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
जानकारी पर सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मुखर्जी पार्क पंपिंग स्टेशन पर एकत्रित हो गए। उन्होंने पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में सभी अशोक के शव को लेकर किशोरपुरा पंपिंग स्टेशन पहुंचे और वहां प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच अशोक की पत्नी ने उनके शरीर में हरकत की बात कही तो उनको अशोक को नयति हास्पिटल ले गए। यहां भी चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद कर्मचारियों ने अशोक के शव को विद्यापीठ चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। यहां बसपा नेता योगेश द्विवेदी भी पहुंच गए। लोग मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने और मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम वैभव कृष्ण, सीओ सदर आके चतुर्वेदी ने बवाल की आशंका पर फोर्स बुला लिया।
एक घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम के मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए और जाम खोला। कोतवाली प्रभारी के अनुसार मृतक के चाचा मनोहर ने पालिका के ईओ, चेयरमैन और सफाई ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
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मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसडीएम के मुआवजे के आश्वासन पर लोग शांत हुए। मामले में पालिका के ईओ, चेयरमैन और सफाई ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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मूलरूप से ओल निवासी अशोक (35) करीब 15 वर्ष से जल निगम और नगर पालिका के सीवेज पंपिंग स्टेशन में फिटर इलैक्ट्रीशियन के रूप में ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे थे। वह ज्ञानगुद्ड़ी पंपिंग स्टेशन परिसर में ही क्वार्टर में रहते थे।
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रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे अशोक किशोरपुरा पंपिंग स्टेशन की खराब मोटर को बदलने के लिए पहुंचे। पंप आपरेटर सुरेश को बताकर वह पंपिंग स्टेशन के कुएं में उतर गए। बताया गया कि लगभग 25 फुट नीचे उतरने के बाद अशोक ने मोटर को लगाने के लिए पंप को खोला। पंप के खुलते ही उसमें से गैस का रिसाव हुआ। गैस के असर से अशोक की तबियत बिगड़ी और वह नीचे पानी में गिर गए।
गिरने के दौरान उनका सिर पंप से भी टकराया। सिर में चोट लगने से उनकी चीख निकली। चीख सुनकर पास में मौजूद सुरेश, भगवान सिंह और सफाई कर्मचारी बीरू मौके पर पहुंचे। बीरू मुंह पर कपड़ा लपेटकर कुएं में उतरा और बेहोश हो चुके अशोक को बाहर निकाल लाया। लोग अशोक को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
जानकारी पर सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मुखर्जी पार्क पंपिंग स्टेशन पर एकत्रित हो गए। उन्होंने पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में सभी अशोक के शव को लेकर किशोरपुरा पंपिंग स्टेशन पहुंचे और वहां प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच अशोक की पत्नी ने उनके शरीर में हरकत की बात कही तो उनको अशोक को नयति हास्पिटल ले गए। यहां भी चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद कर्मचारियों ने अशोक के शव को विद्यापीठ चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। यहां बसपा नेता योगेश द्विवेदी भी पहुंच गए। लोग मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने और मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम वैभव कृष्ण, सीओ सदर आके चतुर्वेदी ने बवाल की आशंका पर फोर्स बुला लिया।
एक घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम के मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए और जाम खोला। कोतवाली प्रभारी के अनुसार मृतक के चाचा मनोहर ने पालिका के ईओ, चेयरमैन और सफाई ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।