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एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के बाद कॉरिडोर का निर्माण संभव नहीं : हिमांशु गोस्वामी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:09 AM IST
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Construction of corridor not feasible following ASI report
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जांच रिपोर्ट आने के बाद श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य हिमांशु गोस्वामी समाज को साथ लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंदिर को क्षति पहुंचाने की आशंका जाहिर करते हुए कॉरिडोर न बनाए जाने का पक्ष रखेंगे। साथ ही श्रीबांकेबिहारी के नवीन मंदिर के लिए सरकार से नगर के परिक्रमा मार्ग के अंदर पर्याप्त जमीन की मांग करेंगे। एएसआई की जांच रिपोर्ट मिलने पर वह आगामी सुनवाई में यह बात रखेंगे।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत हिंमाशु गोस्वामी ने बताया कि आईआईटी रुड़की और एएसआई की रिपोर्ट में विरोधाभास है। जहां हाई पावर्ड कमेटी ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से मंदिर का सर्वे और व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट दी थी, जिसमें मंदिर के कमजोर और जर्जर होने की बात सामने नहीं आई थी। जबकि एएसआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मंदिर जर्जर और कमजोर हो रहा है।
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एएसआई की जांच रिपोर्ट में जर्जर मंदिर की बात स्पष्ट है तो मंदिर के आसपास कॉरिडोर का निर्माण संभव नहीं है। कॉरिडोर के लिए तोड़फोड़ नहीं की जा सकती। यदि तोड़फोड़ की गई तो कमजोर मंदिर को भी क्षति पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि 25 से 30 एकड़ जमीन नगर परिक्रमा के अंदर दिए जाने की मांग करेंगे। ताकि श्रीबांकेबिहारी के नवीन मंदिर का निर्माण गोस्वामी समाज करा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण में वह मंदिर की धनराशि का उपयोग नहीं करेंगे। आराध्य के मंदिर का निर्माण गोस्वामी समाज द्वारा किया जाएगा। यह बात वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 25 अगस्त को होने वाली सुनवाई के दौरान रखेंगे।
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हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य एवं मंदिर सेवायत रजत गोस्वामी ने कहा कि आईआईटी रुड़की द्वारा मंदिर के कमजोर होने के बारे में कुछ नहीं बताया। एएसआई के सर्वे के बाद जांच रिपोर्ट का लंबे समय से खुलासा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कोविड काल में आईआईटी दिल्ली की टीम के सर्वे में मंदिर को व्यवस्थित करने की बात सामने आई थी। इसमें मंदिर के ऊपर लगी रेल लाइन की गार्डर और भारी टिनशेड को हटाकर मंदिर को क्षति न पहुंचे इसके लिए हल्का फाइबर वेस्ट टिनशेड लगवाया गया। उस दौरान मंदिर का फर्श की भी मरम्मत कराई गई।

श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर की मरम्मत और उसके संरक्षण का कार्य चल रहा है। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर 16 को होने वाली कमेटी की बैठक में चर्चा की जाएगी।
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