आसां होगी 'आस्था' की राह: तीन महीने में चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग ठीक करने के निर्देश, सीएम ने लिया संज्ञान
सीएम योगी ने सावन मास में शुरू होने वाली ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा से पहले रास्ते को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जो क्षेत्र हरियाणा में पड़ता है उसके लिए हरियाणा सरकार ने डीएम को निर्देश दिए हैं।
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उत्तर प्रदेश की तीर्थनगरी मथुरा में श्रावण मास के दौरान अधिक मास की ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा शुरू होती है। इस दौरान श्रद्धालुओं को दुश्वारियों से नहीं जूझना पड़ेगा। अगले तीन माह में परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त कर दिया जाएगा। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की रिपोर्ट पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-अलीगढ़ जनपद में यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी है। वहीं जो हिस्सा हरियाणा में पड़ता है उसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने राज्य अंतर्गत परिक्रमा के विकास का जिम्मा डीएम पलवल को दिया है।
पिछले दिनों जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों को ब्रज चौरासी कोस बाह्य परिक्रमा के विकास के निर्देश दिए थे। इसी के तहत पिछले सप्ताह 20 सदस्यीय दल ने बाह्य परिक्रमा का सर्वे करते हुए रविवार को रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। इस पर तत्काल सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी को यूपी क्षेत्र अंतर्गत 158 किलोमीटर की बाह्य परिक्रमा के विकास के निर्देश दिए। यह भी कहा कि श्रावण मास में शुरू होने वाली परिक्रमा को देखते हुए मार्ग को दुरुस्त कर लिया जाए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी डीएम को दिए निर्देश
पूर्ण विकास का कार्य बरसात के बाद शुरू किया जाए। इसे अगले ढाई साल के दौरान पूरा कर लें। यूपी सरकार के इस फैसले के बाद मथुरा सांसद हेमामालिनी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल से बात करते हुए राज्य अंतर्गत 37 किलोमीटर के ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के सुधारीकरण का आग्रह किया। इस पर उन्होंने डीएम पलवल को तत्काल उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
ब्रज में विरोध के बाद हुआ सर्वे
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर 296 किलोमीटर लंबी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का विकास नेशनल हाईवे प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इस पर पिछले दिनों मथुरा और अलीगढ़ सहित कुछ अन्य स्थानों पर विरोध हुआ। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएलए विवि में आगमन के दौरान अधिकारियों को बाह्य परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसी के तहत 265 किलोमीटर परिक्रमा का सर्वे कर रपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की गई। इसमें 158 किलोमीटर यूपी, 71 किलोमीटर राजस्थान और 37 किलोमीटर हरियाणा का दायरा है।
तत्काल अमल से हरकत में आए अफसर
ब्रज चौरासी कोस बाह्य परिक्रमा को लेकर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सर्वे रिपोर्ट पर तत्काल अमल शुरू हो गया है। यूपी में विकास कार्यों के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने रिपोर्ट पर काम करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी किए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश पर पलवल डीएम नेहा सिंह ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ से हरियाणा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट मांगी है।
तीन साल बाद होती है अधिक मास परिक्रमा
अधिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा प्रत्येक तीन साल बाद होती है। यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश के करीब एक करोड़ लोग परिक्रमा करेंगे। हालांकि प्रत्येक वर्ष होने वाली ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का मार्ग दूसरा है। इस बार श्रावण मास में अधिक मास की परिक्रमा होगी। इसी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाह्य परिक्रमा के सर्वे के बाद रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत कर दी है। इसमें 265 किलोमीटर के दायरे में विकास प्रस्तावित है। इसमें राजस्थान अंतर्गत 71 किलोमीटर परिक्रमा क्षेत्र लगभग पूर्ण है। यूपी और हरियाणा में विकास होना है। इसके लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं।