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Mathura News: फर्जी तरीके से जमीन कब्जाने के आरोप में 4 पर मुकदमा
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मथुरा। हाईवे थाने में चार नामजदों के खिलाफ फर्जी तरीके से जमीन कब्जाने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जमीन व शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कामकाज करने वाली कंपनी केपीएस प्रोपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के विधिक प्रतिनिधि संजय शर्मा की ओर से मुकदमा दर्ज कराया है।
संजय का आरोप है कि गोवर्धन रोड स्थित नगला सदौला में संपत्ति (खाता संख्या 05, 25 और 97, खसरा संख्या 36, 37, 38) है। जिसका रकबा 1.326 हेक्टेयर है। यह संपत्ति अशोक बिंदल से 2 जनवरी 2007 को खरीदी गई थी। इसी प्रकार एक अन्य संपत्ति भी गोविंद प्रसाद मित्तल से खरीदी गई थी। वहीं, एक अन्य संपत्ति 9 अक्तूबर 2006 को अशोक कुमार मित्तल से खरीदी थी। इस पूरी जमीन पर कंपनी के निदेशक संजय अग्रवाल काबिज हो गए।
राजस्व विभाग के दस्तावेजों में भी संपत्ति कंपनी के नाम पर दर्ज हो गई। खसरा संख्या 36, 37, 38 और 76, 95 की जमीन चकरोड के सहारे थी। मुख्य मार्ग मथुरा-गोवर्धन तक आवागमन के लिए यही एकमात्र सहारा था। इस संपत्ति को ममता पत्नी अशोक बिंदल, उसके बेटे मनीष बिंदल निवासीगण डीग गेट तिराहा, गोविंद नगर, खूबी निवासी दतिया, हाईवे और संतोष अग्रवाल निवासी कृष्णापुरी, सदर बाजार ने बाउंड्रीवाल लगाकर कब्जा लिया। इस मामले में संजय शर्मा द्वारा कोर्ट में मुकदमे को अर्जी दाखिल की गई।
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सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद पुलिस को मामले में चारों नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। संजय शर्मा का आरोप यह भी है कि संपत्ति के संबंध में एसडीएम कोर्ट में विपक्षियों द्वारा फर्जी डीड बनाकर चकरोड खत्म करा दी गई। एमवीडीए में भी फर्जी डीड के जरिये नक्शा पास करा लिया। इंस्पेक्टर उमेश चंद्र त्रिपाठी के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद
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संजय का आरोप है कि गोवर्धन रोड स्थित नगला सदौला में संपत्ति (खाता संख्या 05, 25 और 97, खसरा संख्या 36, 37, 38) है। जिसका रकबा 1.326 हेक्टेयर है। यह संपत्ति अशोक बिंदल से 2 जनवरी 2007 को खरीदी गई थी। इसी प्रकार एक अन्य संपत्ति भी गोविंद प्रसाद मित्तल से खरीदी गई थी। वहीं, एक अन्य संपत्ति 9 अक्तूबर 2006 को अशोक कुमार मित्तल से खरीदी थी। इस पूरी जमीन पर कंपनी के निदेशक संजय अग्रवाल काबिज हो गए।
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राजस्व विभाग के दस्तावेजों में भी संपत्ति कंपनी के नाम पर दर्ज हो गई। खसरा संख्या 36, 37, 38 और 76, 95 की जमीन चकरोड के सहारे थी। मुख्य मार्ग मथुरा-गोवर्धन तक आवागमन के लिए यही एकमात्र सहारा था। इस संपत्ति को ममता पत्नी अशोक बिंदल, उसके बेटे मनीष बिंदल निवासीगण डीग गेट तिराहा, गोविंद नगर, खूबी निवासी दतिया, हाईवे और संतोष अग्रवाल निवासी कृष्णापुरी, सदर बाजार ने बाउंड्रीवाल लगाकर कब्जा लिया। इस मामले में संजय शर्मा द्वारा कोर्ट में मुकदमे को अर्जी दाखिल की गई।
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सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद पुलिस को मामले में चारों नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। संजय शर्मा का आरोप यह भी है कि संपत्ति के संबंध में एसडीएम कोर्ट में विपक्षियों द्वारा फर्जी डीड बनाकर चकरोड खत्म करा दी गई। एमवीडीए में भी फर्जी डीड के जरिये नक्शा पास करा लिया। इंस्पेक्टर उमेश चंद्र त्रिपाठी के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। संवाद