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Mathura News: केशीघाट पर ब्राह्मणों ने किया श्रावणी उपाकर्म
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केशी घाट पर यमुना में स्नान करते विप्रजन।
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मथुरा। श्रावण पूर्णिमा पर केशीघाट पर आचार्य पंडित विष्णुकांत शास्त्री के सानिध्य और आचार्य मृदुल कांत शास्त्री के संयोजकत्व में सैकड़ों ब्राह्मणों ने श्रावणी उपाकर्म पूजा की। इस दौरान विप्रजनों ने राष्ट्र उत्थान और सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया।
आचार्य विष्णुकांत शास्त्री ने बताया कि यह पूजा विप्र समाज के लिए वर्षभर में की जाने वाली अनिवार्य पूजा है। जाने-अनजाने में हुए पापों व दोषों के प्रायश्चित और देह शुद्धि के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, पंडित अशोक शास्त्री व आचार्य पार्वती वल्लभ के अनुसार सर्वप्रथम हिमाद्रि संकल्प लेकर सूर्य नारायण की आराधना, संध्या वंदन और गायत्री जाप कर राष्ट्र की उन्नति की कामना की गई। आरके पांडे, विनय त्रिपाठी, सुरेश शास्त्री व विपिन बापू ने बताया कि श्रीराधाकांत मंदिर में माता अरुंधति सहित सप्तऋषियों का पूजन कर चारों वेदों के मंत्रों का श्रवण किया गया। संजीव अग्निहोत्री, रामचंद्र दास ने बताया कि यज्ञोपवीत में त्रिदेवों का आह्वान कर जनेऊ धारण कराया गया। आचार्य पंडित नरोत्तम लाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पंडित नीरज गौड़, पवित्र कृष्ण शर्मा, रवि शंकर मिश्रा, प्रदीप बल्लभ गोस्वामी, नागेश मिश्रा, ब्रज अग्रवाल और पंकज शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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आचार्य विष्णुकांत शास्त्री ने बताया कि यह पूजा विप्र समाज के लिए वर्षभर में की जाने वाली अनिवार्य पूजा है। जाने-अनजाने में हुए पापों व दोषों के प्रायश्चित और देह शुद्धि के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, पंडित अशोक शास्त्री व आचार्य पार्वती वल्लभ के अनुसार सर्वप्रथम हिमाद्रि संकल्प लेकर सूर्य नारायण की आराधना, संध्या वंदन और गायत्री जाप कर राष्ट्र की उन्नति की कामना की गई। आरके पांडे, विनय त्रिपाठी, सुरेश शास्त्री व विपिन बापू ने बताया कि श्रीराधाकांत मंदिर में माता अरुंधति सहित सप्तऋषियों का पूजन कर चारों वेदों के मंत्रों का श्रवण किया गया। संजीव अग्निहोत्री, रामचंद्र दास ने बताया कि यज्ञोपवीत में त्रिदेवों का आह्वान कर जनेऊ धारण कराया गया। आचार्य पंडित नरोत्तम लाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पंडित नीरज गौड़, पवित्र कृष्ण शर्मा, रवि शंकर मिश्रा, प्रदीप बल्लभ गोस्वामी, नागेश मिश्रा, ब्रज अग्रवाल और पंकज शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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