{"_id":"62a4b716938c125f5f4b00ae","slug":"bjp-councilor-had-to-complain-about-anganwadi-worker-costly-lawsuit-mathura-news-mtr519103973","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा पार्षद को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत करना पड़ा महंगा, मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा पार्षद को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत करना पड़ा महंगा, मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश ने वार्ड 32 के पार्षद चंदन आहुजा पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इधर, पार्षद ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।
कृष्णानगर के वार्ड 32 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीरज अग्रवाल और सुपरवाइजर कमलेश पर पुष्टाहार वितरण में धांधली के आरोप हैं। लोगों ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद चंदन आहुजा से की। पार्षद ने नीरज और कमलेश से पूछा कि आप 500 ग्राम माल देकर रजिस्टर में एक किलो क्यों लिखते हैं।
इस पर उनका कहना था कि ऊपर से ही माल कम आता है लेकिन हमें रजिस्टर में पूरा दिखाना पड़ता है। इस पर पार्षद ने नाराजगी जताई। शिकायत के आधार पर 13 मई को इस मामले में जांच समिति गठित की गई थी।
विज्ञापन
सुपरवाइजर कमलेश ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उसके साथ मारपीट की। वह गर्भवती हैं, उसको काफी परेशानी हो रही है। एक प्रार्थना पत्र के साथ कमलेश कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर डीएम से मिलीं। डीएम के आदेश पर पार्षद और उनके नौकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। पार्षद का कहना है कि एफआईआर पूरी तरह फर्जी है।
लाभार्थियों ने भी उनको लिखित में कम माल मिलने की शिकायत की है। ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद हेमंत अग्रवाल, हेमंत खंदौली, दीपक गोला, श्याम सिंह ठाकुर, प्रदीप अरोड़ा और चंदन आहुजा शामिल रहे। शहर कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कृष्णानगर के वार्ड 32 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीरज अग्रवाल और सुपरवाइजर कमलेश पर पुष्टाहार वितरण में धांधली के आरोप हैं। लोगों ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद चंदन आहुजा से की। पार्षद ने नीरज और कमलेश से पूछा कि आप 500 ग्राम माल देकर रजिस्टर में एक किलो क्यों लिखते हैं।
विज्ञापन
इस पर उनका कहना था कि ऊपर से ही माल कम आता है लेकिन हमें रजिस्टर में पूरा दिखाना पड़ता है। इस पर पार्षद ने नाराजगी जताई। शिकायत के आधार पर 13 मई को इस मामले में जांच समिति गठित की गई थी।
विज्ञापन
सुपरवाइजर कमलेश ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उसके साथ मारपीट की। वह गर्भवती हैं, उसको काफी परेशानी हो रही है। एक प्रार्थना पत्र के साथ कमलेश कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर डीएम से मिलीं। डीएम के आदेश पर पार्षद और उनके नौकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। पार्षद का कहना है कि एफआईआर पूरी तरह फर्जी है।
लाभार्थियों ने भी उनको लिखित में कम माल मिलने की शिकायत की है। ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद हेमंत अग्रवाल, हेमंत खंदौली, दीपक गोला, श्याम सिंह ठाकुर, प्रदीप अरोड़ा और चंदन आहुजा शामिल रहे। शहर कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।