जुर्माना वसूली के सवाल पर खामोश है प्रशासन

Mathura Updated Fri, 22 Nov 2013 05:39 AM IST
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मथुरा। जनसूचना अधिकार अधिनियम की जमकर धज्जियां उड़ाईं जा रही है। आयोग जहां सूचना न देने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगा रहा है। लेकिन प्रशासन जुर्माना वसूली में हीलाहवाली कर रहा है। जुर्माना वसूली के सवाल पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। ऐसे में लापरवाह अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं।
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केस - एक: महावन राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत सहायक अध्यापिका मधुवाला कुशवाह ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) आगरा से राजकीय आदर्श विद्यालय के अध्यापकों के कन्या जूनियर हाईस्कूल में समायोजन को लेकर कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। सूचना न देने पर राज्य सूचना आयुक्त ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) आगरा डा. अंजना गोयल के खिलाफ 25 हजार रुपये का अर्थ दंड निर्धारित किया है। महावन राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाचार्य पर 25 हजार रुपये का अर्थ दंड लग चुका है। लेकिन अब शिक्षिका जुर्माना वसूली के लिए मुख्य सचिव से गुहार लगा रही हैं।
केस-दो: आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ से जुड़े कार्यकर्ता रामगोपाल ने जिला अधिकारी कार्यालय से एक जमीन की सरकारी नीलामी से संबधित पत्रावली के बारे में सूचनाएं मांगी। सूचना न मिलने पर राज्य सूचना आयुक्त एके गुप्ता ने जिला जनसूचना अधिकारी पर 25 हजार का अर्थदंड लगा दिया। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता ने जुर्माना वसूली के लिये डीएम से लेकर मंडलायुक्त तक गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक न तो जुर्माना वसूली और न ही अब तक क्षतिपूर्ति की धनराशि ही आवेदक को मिली है।
केस-तीन: जितेंद्र सिंह ने जनसूचना अधिकारी कार्यालय से कुछ बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी। इस पर लगातार गुमराह किया गया। इस पर वादी ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। मामले के निस्तारण के दौरान राज्य सूचना आयुक्त एके गुप्ता ने जनसूचना अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। वादी को क्षतिपूर्ति के रूप में तीन हजार रुपये दिये जाने के आदेश दिए। इस मामले में न तो जुर्माना वसूली हुई और न ही क्षतिपूर्ति की धनराशि ही पीड़ित को मिली है।

सूचना देने से किया इंकार
मथुरा। राज्य सूचना आयोग में सूचना न देने पर दोषी करार दिए अफसरों पर जुर्माना लगाया गया है। लेकिन जिला जनसूचना अधिकारी इससे अनजान है। आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ के लीगल एडवाइजर गौरव अग्रवाल के आवेदन पर जिला जनसूचना अधिकारी एवं एडीएम कानून व्यवस्था ने मूल आवेदन को ही लौटा दिया है। इस मामले मेें आवेदक ने मुख्य सचिव, राज्य सूचना आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
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