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Mathura News: यमुना में छोड़ी गईं 15 हजार मछलियां, बढ़ेगी किसानों की आय
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मथुरा। वेटरनरी विवि के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में 26वें राष्ट्रीय कृषक दिवस का आयोजन दो चरणों में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था। प्रथम चरण में यमुना नदी की जैव विविधता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भारतीय मेजर कार्प प्रजातियों की लगभग 15 हजार अंगुलिकाओं (मछली के बच्चों) का नदी में संचयन किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, वेटरनरी विवि के कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र, जिला वन अधिकारी, अपर जिला मजिस्ट्रेट, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग तथा मत्स्य विज्ञान के अधिष्ठाता सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी व छात्र मौजूद रहे। द्वितीय चरण में हाथरस, अलीगढ़ और मथुरा के करीब 120 किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने मोती पालन, झींगा पालन और रंगीन मछली पालन जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के सहायक महानिदेशक (मत्स्य) डॉ. सुभादीप घोष ने अनुसंधान और नवाचार पर जोर देते हुए इसे स्वरोजगार व उद्यमिता का सशक्त माध्यम बताया। देश की प्रतिष्ठित फीड व मेडिसिन कंपनियों की प्रदर्शनी में किसानों को पोषण व रोग प्रबंधन की जानकारी दी गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, वेटरनरी विवि के कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र, जिला वन अधिकारी, अपर जिला मजिस्ट्रेट, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग तथा मत्स्य विज्ञान के अधिष्ठाता सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी व छात्र मौजूद रहे। द्वितीय चरण में हाथरस, अलीगढ़ और मथुरा के करीब 120 किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. अभिजीत मित्र ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने मोती पालन, झींगा पालन और रंगीन मछली पालन जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के सहायक महानिदेशक (मत्स्य) डॉ. सुभादीप घोष ने अनुसंधान और नवाचार पर जोर देते हुए इसे स्वरोजगार व उद्यमिता का सशक्त माध्यम बताया। देश की प्रतिष्ठित फीड व मेडिसिन कंपनियों की प्रदर्शनी में किसानों को पोषण व रोग प्रबंधन की जानकारी दी गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।
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