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Mainpuri: महीनों से बंद पड़ा है 80 करोड़ रुपये की लागत से बना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन भी हो रही चोक
Mon, 16 Jan 2023 12:46 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Jan 2023 12:46 AM IST
सार
मैनपुरी में सीवेज के शोधन के लिए 80 करोड़ रुपए से एसटीपी और सीवर लाइन का निर्माण कराया गया था। एसटीपी महीनों से बंद पड़ी है। जिम्मेदार इसको लेकर पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
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महीनों से बंद पड़ा है सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैनपुरी में सीवेज के शोधन के लिए लगाया गया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) महीनों से बंद पड़ा है। इससे एक ओर जहां सीवेज का शोधन नहीं हो पा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ करोड़ों की लागत से डाली गई सीवर लाइन भी चोक हो रही है। 80 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी और सीवर लाइन का निर्माण हुआ था। लेकिन, जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
घरों के शौचालयों से निकलने वाले सीवेज को शोधित करने के लिए शहर के पॉवर हाउस रोड स्थित जल निगम कार्यालय में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था। इसके साथ ही प्लांट तक सीवेज पहुंचाने के लिए पूरे शहर में सीवर लाइन भी डाली गई थी। निर्माण के बाद सीवर लाइन नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई तो वहीं एसटीपी जल निगम को हैंडओवर किया गया। कुछ सालों तक तो एसटीपी का संचालन सही से हुआ, लेकिन बाद में संचालन करने वाली संस्था काली सूची में डाल दी गई और संचालन ठप हो गया।
इसके बाद जल निगम ने बीच-बीच में निजी संसाधनों से इसका संचालन शुरू किया, लेकिन ये सफल नहीं हो सका। वर्तमान में बीते कई महीनों से सीवजे ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा हुआ है। हाल ये है कि इसकी मशीनें भी अब खराब होने लगी हैं। इसके साथ ही शहर में डाली गई सीवर लाइनें भी चोक हो रही हैं। लेकिन इसकी किसी को कोई परवाह नहीं है। एसटीपी तक पहुंचने वाले सीवेज को सीधे-सीधे पास से ही गुजर रहे नाले में बहाया जा रहा है। इससे और भी प्रदूषण फैल रहा है। लेकिन जिम्मेदारों को न तो पर्यावरण की परवाह है और न ही सरकार के इस प्रोजेक्ट की। अगर जल्द ही ये प्लांट शुरू नहीं किया गया तो करोड़ों की मशीनरी बर्बाद हो जाएगी।
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घरों के शौचालयों से निकलने वाले सीवेज को शोधित करने के लिए शहर के पॉवर हाउस रोड स्थित जल निगम कार्यालय में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था। इसके साथ ही प्लांट तक सीवेज पहुंचाने के लिए पूरे शहर में सीवर लाइन भी डाली गई थी। निर्माण के बाद सीवर लाइन नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई तो वहीं एसटीपी जल निगम को हैंडओवर किया गया। कुछ सालों तक तो एसटीपी का संचालन सही से हुआ, लेकिन बाद में संचालन करने वाली संस्था काली सूची में डाल दी गई और संचालन ठप हो गया।
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इसके बाद जल निगम ने बीच-बीच में निजी संसाधनों से इसका संचालन शुरू किया, लेकिन ये सफल नहीं हो सका। वर्तमान में बीते कई महीनों से सीवजे ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा हुआ है। हाल ये है कि इसकी मशीनें भी अब खराब होने लगी हैं। इसके साथ ही शहर में डाली गई सीवर लाइनें भी चोक हो रही हैं। लेकिन इसकी किसी को कोई परवाह नहीं है। एसटीपी तक पहुंचने वाले सीवेज को सीधे-सीधे पास से ही गुजर रहे नाले में बहाया जा रहा है। इससे और भी प्रदूषण फैल रहा है। लेकिन जिम्मेदारों को न तो पर्यावरण की परवाह है और न ही सरकार के इस प्रोजेक्ट की। अगर जल्द ही ये प्लांट शुरू नहीं किया गया तो करोड़ों की मशीनरी बर्बाद हो जाएगी।
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पाइप लाइन भी हो रही चोक
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद खंड में जाने के बाद और हुई दुर्दशा
जल निगम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों ही पहले मैनपुरी खंड के ही अधीन था। लेकिन दो साल पहले इसे दो भागों में बांट दिया गया। ग्रामीण क्षेत्र जहां मैनपुरी खंड में ही रहा तो वहीं शहरी क्षेत्र फिरोजाबाद खंड के अधीन चला गया। ऐसे में फिरोजाबाद से दूरी और अधिकारियों की बेरुखी के कारण शहरी क्षेत्र में बने एसटीपी की और दुर्दशा हो गई।नहीं दिया ध्यान तो सीवर लाइन बनेगी मुसीबत
सीवर लाइन से शौचालय से निकलने वाले सीवेज को सबसे पहले जोड़ा गया था। बाद में घरों से निकलने वाले पानी को भी सीवर लाइन से ही जोड़ दिया गया। ऐसे में सीवर लाइन पर लोड अधिक है। शहरी क्षेत्र में तो सीवर लाइन गुरुत्वाकर्षण के आधार पर डाली गई है। इसलिए इसमें बहाव बना रहता है। लेकिन ईशन नदी पुल पर बने पंपिंग स्टेशन पर पहुंचने के बाद ये सीवेज रुकना शुरू हो जाता है। अगर जल्द ही पंपिंग स्टेशन और एसटीपी शुरू नहीं हुआ तो सीवर लाइन शहर में ओवर फ्लो होने लगेगी, जिससे मुसीबत और बढ़ेगी।मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि सीवजे ट्रीटमेंट प्लांट क्यों बंद है और इसका संचालन क्यों नहीं हो पा रहा है इसकी जानकारी की जाएगी। जो भी समस्या होगी उसका निराकरण कराते हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू कराया जाएगा।