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सीओपीडी से दो की मौत, तीन की हालत गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:36 PM IST
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अस्पताल में लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीओपीडी से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में सीओपीडी से पीड़ित दो रोगियों की मौत हो गई। तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। 13 को चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज दिया।
जिले में (क्रोनिक ऑक्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज) से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव धनमऊ निवासी शकुंतला देवी (70) को सीओपीडी से पीड़ित होने पर परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान शकुंतला की मौत हो गई। थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला यदुवंशनगर निवासी विद्यादेवी (80) को सांस फूलने से गंभीर हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने सीओपीडी से पीड़ित बताया। इलाज के दौरान विद्यादेवी की मौत हो गई। इमरजेंसी में सीओपीडी से गंभीर हालत में तीन रोगियों को भर्ती कराया।
वहीं सोमवार को जिला अस्पताल में सीओपीडी से पीड़ित होने पर 13 रोगियों को चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज दिया। अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर एके उपाध्याय का कहना है कि मौसम में आए बदलाव से सांस नलिकाओं में संकुचन के चलते रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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लक्षण
चलने के बजाय लेटने में सांस का अधिक फूलना
मनुष्य के शरीर में और चेहरे पर सूजन आना
शरीर में हल्का बुखार रहना
बचाव
सीओपीडी रोगी नमक कम खाएं
सांस फूलने पर कुशल चिकित्सक से जांच कराएं
समय-समय पर ईसीजी और ब्लड प्रेशर चैक कराएं
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जिले में (क्रोनिक ऑक्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज) से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। थाना बिछवां क्षेत्र के गांव धनमऊ निवासी शकुंतला देवी (70) को सीओपीडी से पीड़ित होने पर परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान शकुंतला की मौत हो गई। थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला यदुवंशनगर निवासी विद्यादेवी (80) को सांस फूलने से गंभीर हालत में परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने सीओपीडी से पीड़ित बताया। इलाज के दौरान विद्यादेवी की मौत हो गई। इमरजेंसी में सीओपीडी से गंभीर हालत में तीन रोगियों को भर्ती कराया।
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वहीं सोमवार को जिला अस्पताल में सीओपीडी से पीड़ित होने पर 13 रोगियों को चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज दिया। अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर एके उपाध्याय का कहना है कि मौसम में आए बदलाव से सांस नलिकाओं में संकुचन के चलते रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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चलने के बजाय लेटने में सांस का अधिक फूलना
मनुष्य के शरीर में और चेहरे पर सूजन आना
शरीर में हल्का बुखार रहना
बचाव
सीओपीडी रोगी नमक कम खाएं
सांस फूलने पर कुशल चिकित्सक से जांच कराएं
समय-समय पर ईसीजी और ब्लड प्रेशर चैक कराएं