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समान पक्षी विहार की अधिग्रहीत जमीन के काटे पट्टे

Mon, 17 Apr 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Mon, 17 Apr 2017 11:39 PM IST
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samaan pakshee vihaar kee adhigraheet jameen ke kaate patte
जमीन पर कब्जे की जांच - फोटो : अमर उजाला
समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत भूमि को भी सरकारी कर्मचारियों ने लालच के चलते खुर्दबुर्द कर दिया। उक्त जमीन तालाब, चारागाह आदि की है इसके बाद भी किसानों को पट्टे काट दिए गए। यह जमीन लगभग एक हजार बीघा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब सपा सरकार में मुआवजा देने के लिए उक्त पट्टों और खातों की जांच कराई गई। मामला खुलने पर जहां जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं किसान बिना मुआवजा कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
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सन 1990 में समान पक्षी विहार के लिए शासन ने कटरा समान में 841.66 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। यह जमीन कुल 811 किसानों की है। रिकार्ड के अनुसार जो कुल जमीन पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत की गई उसमें दो तालाबों की जमीन भी शामिल है। राजस्व अभिलेखों में वर्ष 1960 से लेकर 1976 तक उक्त तालाबों की जमीन पुराना गाटा नंबर 4464 और न्यू गाटा संख्या 4198 में दर्ज है। उक्त तालाबों की जमीन का क्षेत्रफल अधिक होने के कारण यह कई खंडों में बंटा हुआ है। इन दोनों तालाबों की जमीन का क्षेत्रफल करीब दो सौ एकड़ है। इसके अलावा जंगल ढाक और ग्राम समाज की सात एकड़ जमीन भी शामिल है।   अभिलेखों के अनुसार 1359 फसली वर्ष तक उक्त जमीन तालाब में दर्ज है। इसे सरकार ने समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत किया है। लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर जमीन का भू उपयोग ही बदल दिया और इसके पट्टे अवैध रूप से किसानों के नाम काट दिए।
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 यही नहीं इससे भी एक कदम आगे जाकर उक्त पट्टे की भूमि को संक्रमणीय भी कर दिया। उक्त भूमि पर जिन किसानों को पट्टे काटे गए वो भाग्यनगर, गुलाबपुर, समान गांव के हैं। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यह जमीन दशकों से हम जोत रहे हैं। इसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं देंगे। प्रशासन हमें मुआवजा नहीं देना चाहता यही कारण है कि वह इस प्रकार के पेंच लगा रहा है।  
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मामला संज्ञान में है। उक्त जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही उक्त जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया जाएगा।
- अविनाश मौर्य, एसडीएम किशनी
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