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संसार में व्यक्ति का जीवन बुलबुले के समान: सुरेशानंद
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:35 PM IST
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संसार में व्यक्ति का जीवन बुलबुले के समान: सुरेशानंद
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम अछईपुर स्थित इच्छेश्वर धाम शिव मंदिर पर सोमवार को प्रात: काल सर्वप्रथम शतचंडी महायज्ञ और प्रवचन हुए। इससे पूर्व पूरे ग्राम में कलश यात्रा निकाली गई। उसमें सैकड़ों महिला पुरुषों ने भाग लिया। ग्राम में भ्रमण के पश्चात कलश यात्रा प्रवचन स्थल पहुुंची। वहां संत सुरेशानंद महाराज ने पूजन के बाद कलशों को स्थापित कराया। संतों ने प्रथम दिवस शतचंडी महायज्ञ का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कराया।
महासंत सम्मेलन में वेदांताचार्य डाक्टर सुरेशानंद महाराज ने कहा कि संसार में व्यक्ति का जीवन पानी के एक बुलबुले के समान है। अच्छे कर्म और अच्छे कार्यों से ही इस मायारूपी संसार से मुक्ति मिल सकती है। यज्ञ का जीवन में महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यज्ञ हवन हमारे जीवन में बहुत ही लाभदायक है। वातावरण में शुद्धता के साथ दी गई आहुतियों से निकलने वाले धुआं से हमारे शरीर के कई विकार भी दूर होते हैं।
उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता दिनाेंदिन हमारे आने वाली पीढ़ियों पर हावी होती जा रही है। यह घातक है। बच्चों को भारतीय संस्कृति सभ्यता का बोध कराएं और पाश्चात्य सभ्यता को अपने ऊपर हावी न होने दें। महासंत सम्मेलन में डाक्टर स्वामी चैतन्य, स्वामी पूर्णानंद महाराज, स्वामी अनंतानंद ने भी प्रवचन किए। कलश यात्रा में यज्ञपति रनवीर सिंह यादव, रक्षपाल सिंह, दीपक यादव, शिवकुमार, सत्यपाल सिंह, राजवीर सिंह, अजय यादव, अरविंद सिंह आदि लोग शामिल रहे।
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महासंत सम्मेलन में वेदांताचार्य डाक्टर सुरेशानंद महाराज ने कहा कि संसार में व्यक्ति का जीवन पानी के एक बुलबुले के समान है। अच्छे कर्म और अच्छे कार्यों से ही इस मायारूपी संसार से मुक्ति मिल सकती है। यज्ञ का जीवन में महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यज्ञ हवन हमारे जीवन में बहुत ही लाभदायक है। वातावरण में शुद्धता के साथ दी गई आहुतियों से निकलने वाले धुआं से हमारे शरीर के कई विकार भी दूर होते हैं।
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उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता दिनाेंदिन हमारे आने वाली पीढ़ियों पर हावी होती जा रही है। यह घातक है। बच्चों को भारतीय संस्कृति सभ्यता का बोध कराएं और पाश्चात्य सभ्यता को अपने ऊपर हावी न होने दें। महासंत सम्मेलन में डाक्टर स्वामी चैतन्य, स्वामी पूर्णानंद महाराज, स्वामी अनंतानंद ने भी प्रवचन किए। कलश यात्रा में यज्ञपति रनवीर सिंह यादव, रक्षपाल सिंह, दीपक यादव, शिवकुमार, सत्यपाल सिंह, राजवीर सिंह, अजय यादव, अरविंद सिंह आदि लोग शामिल रहे।
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