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Mainpuri News: कैद में भी नहीं टूटेगा भाई-बहन का बंधन
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मैनपुरी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला कारागार में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा और मुलाकात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सुबह 6:30 बजे से ही मुलाकात की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार कुल 590 बंदियों से उनके परिजन मिलेंगे, जिनमें 22 महिला बंदी भी शामिल हैं। महिला बंदियों से मिलने उनके भाई जेल पहुंचेंगे और उनकी कलाई पर राखी बांधेंगे, वहीं पुरुष बंदियों की बहनें स्नेह का धागा बांधेंगी। प्रशासन का कहना है कि हर बहन-भाई बिना किसी परेशानी के त्योहार मना सकें, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। महिला बंदियों को राखियां और मिठाई उपलब्ध कराई जा चुकी है।
सुरक्षा और तलाशी के पुख्ता प्रबंध
त्योहार के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए जेल परिसर और मुलाकात स्थल पर 20 महिला पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। पुरुष कर्मी भी पर्याप्त संख्या में तैनात रहेंगे। प्रवेश से लेकर मुलाकात कक्ष तक सघन तलाशी और चेकिंग के बाद ही परिजन को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। सुरक्षाकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि लाई गई मिठाई, तिलक सामग्री, राखी और अन्य सामग्री नियमों के अनुरूप ही अंदर पहुंचे।
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तिलक और आरती के लिए विशेष स्थान
बहनों और भाइयों के बीच पर्व की उमंग और भावनात्मक जुड़ाव बना रहे, इसके लिए मुलाकात स्थल पर बहनों को तिलक लगाने, आरती उतारने और राखी बांधने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि परिजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली गई हैं।
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जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सुबह 6:30 बजे से ही मुलाकात की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार कुल 590 बंदियों से उनके परिजन मिलेंगे, जिनमें 22 महिला बंदी भी शामिल हैं। महिला बंदियों से मिलने उनके भाई जेल पहुंचेंगे और उनकी कलाई पर राखी बांधेंगे, वहीं पुरुष बंदियों की बहनें स्नेह का धागा बांधेंगी। प्रशासन का कहना है कि हर बहन-भाई बिना किसी परेशानी के त्योहार मना सकें, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। महिला बंदियों को राखियां और मिठाई उपलब्ध कराई जा चुकी है।
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सुरक्षा और तलाशी के पुख्ता प्रबंध
त्योहार के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए जेल परिसर और मुलाकात स्थल पर 20 महिला पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। पुरुष कर्मी भी पर्याप्त संख्या में तैनात रहेंगे। प्रवेश से लेकर मुलाकात कक्ष तक सघन तलाशी और चेकिंग के बाद ही परिजन को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। सुरक्षाकर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि लाई गई मिठाई, तिलक सामग्री, राखी और अन्य सामग्री नियमों के अनुरूप ही अंदर पहुंचे।
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तिलक और आरती के लिए विशेष स्थान
बहनों और भाइयों के बीच पर्व की उमंग और भावनात्मक जुड़ाव बना रहे, इसके लिए मुलाकात स्थल पर बहनों को तिलक लगाने, आरती उतारने और राखी बांधने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि परिजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली गई हैं।