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Mainpuri News: पार्टनरशिप के बाद की लाखों की धोखाधड़ी
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मैनपुरी। न्यायालय के आदेश पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस धोखाधड़ी में सोनीपत हरियाणा स्थित आईसीआईसीआई बैंक के शाखा प्रबंधक सहित पांच लोग शामिल हैं। पीड़ित ने सदर कोतवाली में सभी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
थाना बरनाहल क्षेत्र के निवहरा निवासी रामू कुमार आराध्या कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक हैं। उन्होंने 15 जनवरी 2024 को अक्षिता कोडवानी निवासी सोनीपत, हरियाणा के साथ साझेदारी की थी। दोनों ने 21 फरवरी 2024 को एएसजी आराध्या इंफ्राटेक नामक फर्म पंजीकृत कराई। अक्षिता और उनके पति साहिल अनेजा ने 23 जनवरी 2024 को रामू कुमार की जानकारी के बिना साझेदारी फर्म का फर्जी खाता खुलवा लिया। साझेदारी फर्म हरदोई में एचसी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ काम कर रही थी। सभी बिल साझेदारी फर्म से बनते थे, लेकिन अक्षिता और साहिल अपनी फर्म एएसजी कॉर्पोरेशन के नाम से भुगतान लेते रहे। अगस्त 2024 में रामू कुमार को पता चला कि भुगतान एएसजी आराध्या इंफ्राटेक के बजाय एएसजी कॉर्पोरेशन के खाते में जा रहा है। आपत्ति जताने पर उन्होंने साझेदारी फर्म के नाम से बिल क्लियर करना शुरू किया। रामू कुमार ने अपना लाभांश मांगा और बताया कि उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का निवेश किया है। इसके बाद आरोपी टालमटोल करने लगे और साझेदारी तोड़ने के लिए दबाव बनाने लगे।
छह जुलाई 2025 को साहिल अनेजा अपने दो साथियों के साथ मैनपुरी आए। उन्होंने रामू कुमार से साझेदारी फर्म से अलग होने को कहा। रामू कुमार ने हिस्से का रुपया मांगा तो उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई। आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया। इससे पहले भी हरदोई साइट पर उन पर हमला किया जा चुका था।
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इस धोखाधड़ी में आईसीआईसीआई बैंक शाखा प्रबंधक कुंडली सेक्टर सोनीपत हरियाणा की भी संलिप्तता बताई गई है। रामू कुमार ने पहले कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने अब प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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थाना बरनाहल क्षेत्र के निवहरा निवासी रामू कुमार आराध्या कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक हैं। उन्होंने 15 जनवरी 2024 को अक्षिता कोडवानी निवासी सोनीपत, हरियाणा के साथ साझेदारी की थी। दोनों ने 21 फरवरी 2024 को एएसजी आराध्या इंफ्राटेक नामक फर्म पंजीकृत कराई। अक्षिता और उनके पति साहिल अनेजा ने 23 जनवरी 2024 को रामू कुमार की जानकारी के बिना साझेदारी फर्म का फर्जी खाता खुलवा लिया। साझेदारी फर्म हरदोई में एचसी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ काम कर रही थी। सभी बिल साझेदारी फर्म से बनते थे, लेकिन अक्षिता और साहिल अपनी फर्म एएसजी कॉर्पोरेशन के नाम से भुगतान लेते रहे। अगस्त 2024 में रामू कुमार को पता चला कि भुगतान एएसजी आराध्या इंफ्राटेक के बजाय एएसजी कॉर्पोरेशन के खाते में जा रहा है। आपत्ति जताने पर उन्होंने साझेदारी फर्म के नाम से बिल क्लियर करना शुरू किया। रामू कुमार ने अपना लाभांश मांगा और बताया कि उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का निवेश किया है। इसके बाद आरोपी टालमटोल करने लगे और साझेदारी तोड़ने के लिए दबाव बनाने लगे।
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छह जुलाई 2025 को साहिल अनेजा अपने दो साथियों के साथ मैनपुरी आए। उन्होंने रामू कुमार से साझेदारी फर्म से अलग होने को कहा। रामू कुमार ने हिस्से का रुपया मांगा तो उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई। आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया। इससे पहले भी हरदोई साइट पर उन पर हमला किया जा चुका था।
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इस धोखाधड़ी में आईसीआईसीआई बैंक शाखा प्रबंधक कुंडली सेक्टर सोनीपत हरियाणा की भी संलिप्तता बताई गई है। रामू कुमार ने पहले कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने अब प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।