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लोहिया गांव के विकास में बजट का रोड़ा
ब्यराे, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Thu, 05 Feb 2015 11:20 PM IST
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सीएम की महत्वाकांक्षी योजना लोहिया गांव सपा के गढ़ में ही धूल फांक रही है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में चयनित 24 लोहिया गांव की गलियां बदहाल हैं। जल निकासी के लिए केसी ड्रेन का काम भी अभी तक अधूरा है। विकास में बजट की कमी बाधक बनी हुई है।
24 लोहिया गांव की आंतरिक गलियां और केसी ड्रेन के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस विभाग को दी गई है, लेकिन अभी तक पैसा काफी कम मिलने से यह गांव बदहाल ही हैं। गांव में अन्य विभागों ने तो विकास कार्य कराए लेकिन आंतरिक गलियां और केसी ड्रेन का कार्य अधूरा है। आंतरिक गलियों के निर्माण के लिए चार करोड़ 23 लाख 40 हजार रुपये की मांग की थी। जबकि विभाग क ो एक करोड़ आठ लाख 18 हजार रुपये ही मिले हैं। केसी ड्रेन के निर्माण की भी स्थिति ऐसी ही है। केसी ड्रेन के लिए एक करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये की जरूरत है। जबकि 41.82 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में इन गांव में विकास कार्य लटके हुए हैं।
आंतरिक गलियों और केसी ड्रेन के निर्माण के लिए बजट डीपीआरओ के यहां आता है। डीपीआरओ द्वारा कार्यदायी संस्था आरईएस को भेजा जाता है। क ई बार अधिकारियों ने बजट के लिए लिखा लेकिन बजट नहीं मिल सका।
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शासन को लिखा गया है। शीघ्र धनराशि मिलने की उम्मीद है।
राकेश रंजन, प्रभारी सीडीओ
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24 लोहिया गांव की आंतरिक गलियां और केसी ड्रेन के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस विभाग को दी गई है, लेकिन अभी तक पैसा काफी कम मिलने से यह गांव बदहाल ही हैं। गांव में अन्य विभागों ने तो विकास कार्य कराए लेकिन आंतरिक गलियां और केसी ड्रेन का कार्य अधूरा है। आंतरिक गलियों के निर्माण के लिए चार करोड़ 23 लाख 40 हजार रुपये की मांग की थी। जबकि विभाग क ो एक करोड़ आठ लाख 18 हजार रुपये ही मिले हैं। केसी ड्रेन के निर्माण की भी स्थिति ऐसी ही है। केसी ड्रेन के लिए एक करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये की जरूरत है। जबकि 41.82 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में इन गांव में विकास कार्य लटके हुए हैं।
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आंतरिक गलियों और केसी ड्रेन के निर्माण के लिए बजट डीपीआरओ के यहां आता है। डीपीआरओ द्वारा कार्यदायी संस्था आरईएस को भेजा जाता है। क ई बार अधिकारियों ने बजट के लिए लिखा लेकिन बजट नहीं मिल सका।
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शासन को लिखा गया है। शीघ्र धनराशि मिलने की उम्मीद है।
राकेश रंजन, प्रभारी सीडीओ