{"_id":"6a8d35bd765b8b54700b2b5e","slug":"doctors-create-new-jaw-using-leg-bone-in-cancer-patient-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएन आगरा में अनोखी सर्जरी: पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा, लौट आई महिला की पहले जैसी मुस्कान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएन आगरा में अनोखी सर्जरी: पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा, लौट आई महिला की पहले जैसी मुस्कान
Tue, 25 Aug 2026 11:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:57 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर से खराब हो चुके 55 वर्षीय महिला के जबड़े को पैर की हड्डी से नया जबड़ा बनाकर सफलतापूर्वक तैयार किया गया। साढ़े छह घंटे की जटिल सर्जरी से चेहरा विकृत होने से बच गया और मरीज को निजी अस्पताल में होने वाले लाखों रुपये के खर्च से भी राहत मिली।
विज्ञापन
सर्जरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर पीड़ित मरीज के पैर की हड्डी से नया जबड़ा बनाया गया। कैंसर की वजह से जबड़ा पूरी तरह खराब हो गया था। साढ़े छह घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती रखा गया। अब सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है। 4-5 दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि हाथरस निवासी 55 साल की महिला दाहिने गाल में घाव दिखाने 18 अगस्त को आई थी। पूछताछ में पता चला कि वह लंबे समय से तंबाकू खाती थी। संक्रमण होंठों तक पहुंच गया। बायप्सी में कैंसर की पुष्टि होने पर विशेषज्ञों की टीम बनाकर ऑपरेशन किया गया।
इसमें पैर की हड्डी निकालकर नया जबड़ा तैयार किया गया। इससे चेहरा विकृत होने से बच गया। भोजन चबाने में दांत भी आपस में नहीं टकराएंगे। आईसीयू में डॉ. अपूर्व मित्तल की निगरानी में इलाज चला। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च 8 लाख रुपये से अधिक आता। यहां निशुल्क सुविधा मिली है। टीम में डॉ. लाहरी कृष्णलता, डॉ. प्रणय सिंह, डॉ. अभिषेक सोम चक्रवर्ती, डॉ. योगिता, डॉ. अंकिता जैसवाल, डॉ. गौरव चंदेल का भी योगदान रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि हाथरस निवासी 55 साल की महिला दाहिने गाल में घाव दिखाने 18 अगस्त को आई थी। पूछताछ में पता चला कि वह लंबे समय से तंबाकू खाती थी। संक्रमण होंठों तक पहुंच गया। बायप्सी में कैंसर की पुष्टि होने पर विशेषज्ञों की टीम बनाकर ऑपरेशन किया गया।
विज्ञापन
इसमें पैर की हड्डी निकालकर नया जबड़ा तैयार किया गया। इससे चेहरा विकृत होने से बच गया। भोजन चबाने में दांत भी आपस में नहीं टकराएंगे। आईसीयू में डॉ. अपूर्व मित्तल की निगरानी में इलाज चला। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च 8 लाख रुपये से अधिक आता। यहां निशुल्क सुविधा मिली है। टीम में डॉ. लाहरी कृष्णलता, डॉ. प्रणय सिंह, डॉ. अभिषेक सोम चक्रवर्ती, डॉ. योगिता, डॉ. अंकिता जैसवाल, डॉ. गौरव चंदेल का भी योगदान रहा।
विज्ञापन