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वायरल फीवर का कहर: डेढ़ गुना बढ़े मरीज, बुखार के साथ बदन दर्द-गले में खराश; सामने आ रहे ये लक्षण
Tue, 25 Aug 2026 12:00 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:00 PM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 3120 मरीज पहुंचे, जिनमें मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक 668 मरीज रहे। डॉक्टरों के मुताबिक वायरल फीवर के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ी है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की लगी भीड़। अमर उजाला
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विस्तार
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते शहर में बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इन दिनों अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना से अधिक बढ़ गई है। ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश की शिकायतें आम हो गई हैं, वहीं बच्चों में टाइफाइड और पीलिया के मामले भी सामने आ रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि बारिश और उमस भरे मौसम के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है। लोग अक्सर ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स और दूषित माहौल में बिकने वाला बाहर का खान-पान ले लेते हैं, जो इस मौसम में स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। इसी के चलते मरीजों को तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त और छाती में जकड़न जैसी परेशानियां हो रही हैं। कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं, हालांकि जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो रही है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चे बुखार, खांसी और पेट दर्द की शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। दूषित पानी और खान-पान के कारण बच्चों में पीलिया और पेट के गंभीर संक्रमण के मामले भी देखने को मिल रहे हैं, जिसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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इन बातों का रखें ध्यान
पानी को उबालने के बाद उपयोग करें।
खुले और गंदगी में बिकने वाली सामग्री न खाएं-पिएं।
हल्का बुखार होने पर भी बच्चों को स्कूल भेजने से बचें।
बुखार आने पर पेरासिटामोल लें, ठीक न होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
ये रही एसएन ओपीडी की स्थिति:
3120: मरीज कुल आए।
668: मेडिसिन विभाग
333: हड्डी रोग
227: त्वचा रोग
234: सांस रोग
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एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि बारिश और उमस भरे मौसम के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है। लोग अक्सर ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स और दूषित माहौल में बिकने वाला बाहर का खान-पान ले लेते हैं, जो इस मौसम में स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। इसी के चलते मरीजों को तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त और छाती में जकड़न जैसी परेशानियां हो रही हैं। कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं, हालांकि जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो रही है।
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बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चे बुखार, खांसी और पेट दर्द की शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। दूषित पानी और खान-पान के कारण बच्चों में पीलिया और पेट के गंभीर संक्रमण के मामले भी देखने को मिल रहे हैं, जिसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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इन बातों का रखें ध्यान
पानी को उबालने के बाद उपयोग करें।
खुले और गंदगी में बिकने वाली सामग्री न खाएं-पिएं।
हल्का बुखार होने पर भी बच्चों को स्कूल भेजने से बचें।
बुखार आने पर पेरासिटामोल लें, ठीक न होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
ये रही एसएन ओपीडी की स्थिति:
3120: मरीज कुल आए।
668: मेडिसिन विभाग
333: हड्डी रोग
227: त्वचा रोग
234: सांस रोग