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कैश की कमी से जूझ रहे देहात के ग्राहक
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:22 PM IST
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नोटबंदी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी का सबसे ज्यादा असर सहकारी और ग्रामीण बैंकों के उपभोक्ताओं पर हुआ है। बैंकों में कैश की कमी से ग्राहक परेशान हैं। आए दिन ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच नोकझाेंक भी हो रही है।
ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की शाखाओं में देहात के साथ ही शहरी लोगों के भी खाते संचालित हैं। नोटंबदी के बाद से ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त को पहले की अपेक्षा रोजाना केवल 20 प्रतिशत धनराशि की ही आपूर्ति की जा रही है। जिसके चलते ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बन जाती है। रिजर्व बैंक के आदेशानुसार अधिकतम 24 हजार रुपये की निकासी की शर्त होने के कारण शादी वाले परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। शाखा प्रबंधक रामकुमार तिवारी कहते हैं कि जितनी धनराशि मिल रही है रोजाना उतनी ही धनराशि से अधिक ग्राहकों को कम धनराशि देकर संतुष्ट किया जा रहा है।
जिला सहकारी बैंक की अधिकांश शाखाओं में भुगतान की समस्या आ रही है। सहकारी बैंकों को नोटबंदी से पहले की अपेक्षा केवल 10 से 15 प्रतिशत धनराशि ही दी जा रही है। शाखा प्रबंधकों द्वारा किसी तरह व्यवस्था को मैनेज किया जा रहा है। एक सप्ताह में सहकारी बैंक को केवल छह लाख रुपया ही दिया गया है। इसी धनराशि में से मुख्य शाखा को चार लाख रुपया तथा तेरह शाखाओं को दो लाख रुपया दिया जा चुका है। शाखा प्रबंधक संजीव यादव कहते हैं कि कुछ ग्राहक तो मान जाते हैं मगर कुछ ग्राहकों से तो कर्मचारियों का रोजाना विवाद होता है। सहकारी बैंक के साथ सरकार और रिजर्व बैंक ने भेदभाव किया है।
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तीन हैं चेस्ट ब्रांच
मैनपुरी। जिले में तीन चेस्ट ब्रांच हैं। जिनसे जिले की सभी बैंक शाखाओं में रुपया भेजा जाता है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया चेस्ट ब्रांच से ही अन्य बैंकों में नोटबंदी के चलते कम धनराशि भेजी जा रही है।
57 शाखाएं हो रहीं प्रभावित
मैनपुरी। जिले में 57 बैंक शाखाएं नोटबंदी से प्रभावित हो रही हैं, जिनमें सहकारी बैंक की 14 तथा ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की 43 शाखाएं शामिल हैं। सबसे ज्यादा सहकारी बैंक की शाखाएं प्रभावित हो रही हैं। इन बैंकों को रोजाना 15 से 20 प्रतिशत ही कैश दिया जा रहा है।
सहकारी बैंकों में हो चुकी हड़ताल
मैनपुरी। रिजर्व बैंक द्वारा सहकारी बैंकों में पुराने 500 और 1000 के नोट बदले जाने और जमा करने पर लगाई गई पाबंदी के विरोध में सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल तक कर चुके हैं। उनका आरोप है कि रिजर्व बैंक ने जो रवैया अपनाया वह भेदभावपूर्ण रहा है। जबकि सहकारी बैंक को भी बैंकिंग का अधिकार है।
जिले की सभी बैंकोें में पर्याप्त मात्रा में धन देने की व्यवस्था की गई है। चेस्ट ब्रांच से मांग के अनुरूप ही शाखाओं को धन आवंटित किया जा रहा है। धन की कमी तो हर जगह है जिसे मैनेज किया जा रहा है।
-डीके अग्रवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक
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ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की शाखाओं में देहात के साथ ही शहरी लोगों के भी खाते संचालित हैं। नोटंबदी के बाद से ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त को पहले की अपेक्षा रोजाना केवल 20 प्रतिशत धनराशि की ही आपूर्ति की जा रही है। जिसके चलते ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बन जाती है। रिजर्व बैंक के आदेशानुसार अधिकतम 24 हजार रुपये की निकासी की शर्त होने के कारण शादी वाले परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। शाखा प्रबंधक रामकुमार तिवारी कहते हैं कि जितनी धनराशि मिल रही है रोजाना उतनी ही धनराशि से अधिक ग्राहकों को कम धनराशि देकर संतुष्ट किया जा रहा है।
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जिला सहकारी बैंक की अधिकांश शाखाओं में भुगतान की समस्या आ रही है। सहकारी बैंकों को नोटबंदी से पहले की अपेक्षा केवल 10 से 15 प्रतिशत धनराशि ही दी जा रही है। शाखा प्रबंधकों द्वारा किसी तरह व्यवस्था को मैनेज किया जा रहा है। एक सप्ताह में सहकारी बैंक को केवल छह लाख रुपया ही दिया गया है। इसी धनराशि में से मुख्य शाखा को चार लाख रुपया तथा तेरह शाखाओं को दो लाख रुपया दिया जा चुका है। शाखा प्रबंधक संजीव यादव कहते हैं कि कुछ ग्राहक तो मान जाते हैं मगर कुछ ग्राहकों से तो कर्मचारियों का रोजाना विवाद होता है। सहकारी बैंक के साथ सरकार और रिजर्व बैंक ने भेदभाव किया है।
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तीन हैं चेस्ट ब्रांच
मैनपुरी। जिले में तीन चेस्ट ब्रांच हैं। जिनसे जिले की सभी बैंक शाखाओं में रुपया भेजा जाता है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया चेस्ट ब्रांच से ही अन्य बैंकों में नोटबंदी के चलते कम धनराशि भेजी जा रही है।
57 शाखाएं हो रहीं प्रभावित
मैनपुरी। जिले में 57 बैंक शाखाएं नोटबंदी से प्रभावित हो रही हैं, जिनमें सहकारी बैंक की 14 तथा ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त की 43 शाखाएं शामिल हैं। सबसे ज्यादा सहकारी बैंक की शाखाएं प्रभावित हो रही हैं। इन बैंकों को रोजाना 15 से 20 प्रतिशत ही कैश दिया जा रहा है।
सहकारी बैंकों में हो चुकी हड़ताल
मैनपुरी। रिजर्व बैंक द्वारा सहकारी बैंकों में पुराने 500 और 1000 के नोट बदले जाने और जमा करने पर लगाई गई पाबंदी के विरोध में सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल तक कर चुके हैं। उनका आरोप है कि रिजर्व बैंक ने जो रवैया अपनाया वह भेदभावपूर्ण रहा है। जबकि सहकारी बैंक को भी बैंकिंग का अधिकार है।
जिले की सभी बैंकोें में पर्याप्त मात्रा में धन देने की व्यवस्था की गई है। चेस्ट ब्रांच से मांग के अनुरूप ही शाखाओं को धन आवंटित किया जा रहा है। धन की कमी तो हर जगह है जिसे मैनेज किया जा रहा है।
-डीके अग्रवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक