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धान की खरीद न होने से किसानों को हो रहा घाटा

Thu, 05 Nov 2015 10:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी Updated Thu, 05 Nov 2015 10:58 PM IST
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Failing to purchase paddy from the farmers getting the deficit
भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि सरकारी धान खरीद केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही है। आढ़तियों द्वारा नकद भुगतान करने पर एक प्रतिशत कटौती की जा रही है। बेमौसम बरसात से बर्बाद हुई किसानों की फसल का मुआवजा किसानों को नहीं मिल पा रहा है। पदाधिकारियों ने डीएम से शीघ्र समस्याओं का निस्तारण कराए जाने की मांग की।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए बृज प्रांत के अध्यक्ष केशव सिंह ने कहा कि धान खरीद के लिए जिले में धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस वर्ष सूखा पड़ने के कारण उत्पादन लागत बहुत बढ़ गई है और मंडी में व्यापारी 900 से 1000 रुपये में खरीद कर रहे हैं, जबकि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 1450 रुपये तय किया है। खरीद केंद्र पर धान खरीद न होने से किसानों को 500 रुपये क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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जिलाध्यक्ष दलीप सिंह ने कहा कि मंडी में आढ़तियों द्वारा किसानों की जिंस बिक्री का नकद भुगतान करने पर एक प्रतिशत की कटौती की जा रही है। प्रशासन आढ़तियों की बैठक बुलाकर समस्या का समाधान कराए और कटौती बंद की जाए। रबी की फसलों की क्षतिपूर्ति के धन का वितरण बंद हो जाने से किसानों में मायूसी है। जनपद में 60 प्रतिशत किसानों को पैसा नहीं मिल पाया है। वितरण में अनियमितता बरती गई हैं।
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प्रदर्शन करने वालों में जगेंद्र सिंह, रामस्वरूप सिंह, भूपेंद्र सिंह चौहान, रामनरेश सिंह आदि शामिल थे।
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