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हत्यारोपी दो भाइयों सहित तीन को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:35 PM IST
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थाना किशनी क्षेत्र में 14 साल पहले रंजिश में गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दो भाइयों सहित तीन को अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उनको एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये वादी को दिए जाएंगे।
थाना किशनी के बरुआ निवासी रामरतन की 31 अक्तूबर 2002 को दोपहर एक बजे गांव के बाहर ईसन नदी पुल के पास पीटने के साथ ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट रामरतन के भाई बादशाह ने गांव के ही दलवीर सिंह, उसके भाई नौरंग सिंह सहित शिवराज सिंह, रघुराज सिंह, कृष्ण कुमार, मनोज के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा दी गई चार्जशीट के बाद मामले की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई गवाही के आधार पर दलवीर सिंह, उसके भाई नौरंग सिंह, कृष्ण कुमार को हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव की दलीलों पर अपर जिला जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको एक लाख 10 हजार रुपया जुर्माना भी देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपया वादी को दिए जाएंगे। तीनों को सजा सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
जुएनल कोर्ट में चल रहा मुकदमा
मैनपुरी। रामरतन के हत्यारोपी मनोज कुमार के नाबालिग होेने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। उसका मुकदमा जुएनल कोर्ट में अलग से चल रहा है। विवेचना के दौरान पुलिस उसको भी हत्या का दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज चुकी है।
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पुलिस ने जांच में पाया था निर्दोष
मैनपुरी। रामरतन की हत्या में पुलिस ने जांच में शिवराज सिंह तथा रघुराज सिंह को निर्दोष पाकर उनका नाम चार्जशीट से निकाल दिया था। अपर जिला जज ने दोनों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में तलब किया। आरोपियों के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उनकी भी पत्रावली सुनवाई के लिए अलग कर दी गई है।
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थाना किशनी के बरुआ निवासी रामरतन की 31 अक्तूबर 2002 को दोपहर एक बजे गांव के बाहर ईसन नदी पुल के पास पीटने के साथ ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट रामरतन के भाई बादशाह ने गांव के ही दलवीर सिंह, उसके भाई नौरंग सिंह सहित शिवराज सिंह, रघुराज सिंह, कृष्ण कुमार, मनोज के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा दी गई चार्जशीट के बाद मामले की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई गवाही के आधार पर दलवीर सिंह, उसके भाई नौरंग सिंह, कृष्ण कुमार को हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव की दलीलों पर अपर जिला जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको एक लाख 10 हजार रुपया जुर्माना भी देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपया वादी को दिए जाएंगे। तीनों को सजा सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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जुएनल कोर्ट में चल रहा मुकदमा
मैनपुरी। रामरतन के हत्यारोपी मनोज कुमार के नाबालिग होेने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है। उसका मुकदमा जुएनल कोर्ट में अलग से चल रहा है। विवेचना के दौरान पुलिस उसको भी हत्या का दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज चुकी है।
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पुलिस ने जांच में पाया था निर्दोष
मैनपुरी। रामरतन की हत्या में पुलिस ने जांच में शिवराज सिंह तथा रघुराज सिंह को निर्दोष पाकर उनका नाम चार्जशीट से निकाल दिया था। अपर जिला जज ने दोनों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में तलब किया। आरोपियों के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उनकी भी पत्रावली सुनवाई के लिए अलग कर दी गई है।