Mainpuri: मजदूर की गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास, 10 हजार का लगा जुर्माना
मैनपुरी में मजदूर की गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में नौ साल पहले मजदूर की गोली मारकर हत्या करने के मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई। दोषी को जिला जज सुधीर कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला दन्नाहार थाना क्षेत्र के नगला कोडर गांव की है। गांव निवासी रामनरेश मजदूरी करते थे। 16 सितंबर 2014 की शाम को वह मजदूरी करने के बाद अपने भतीजे सतेंद्र के साथ साइकिलों से गांव जा रहे थे। शाम छह बजे देवामई के पास रामनरेश की उसके गांव के ही बीरबल जाटव ने गोली मारकर हत्या कर दी। सतेंद्र को गोली मारकर घायल कर दिया। रामनरेश की पत्नी गंगाश्री ने बीरबल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
यह भी पढ़ेंः- UP: दो बच्चों की मां को हलवाई से हुआ इश्क, परवान चढ़ा प्रेम तो उठाया ऐसा कदम..., शर्मसार हो गए परिवार के लोग
मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने बीरबल केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर बीरबल को रामनरेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने गवाही के आधार पर उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने बीरबल को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस ने लगा दी थी एफआर
रामनरेश की हत्या के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी गंगाश्री की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की। हत्या की बात सही नहीं पाकर एफआर लगा दी। गंगाश्री के बयानों के आधार पर कोर्ट में बीरबल को तलब किया गया। मुकदमे की सुनवाई में गवाही के आधार पर पुलिस द्वारा जांच में निर्दोष पाए गए बीरबल को रामनरेश की हत्या करने का दोषी पाकर उसके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई की गई।
यह भी पढ़ेंः- UP: पति और सास-ससुर समझते हैं नौकरानी, थाने पहुंची बहू ने सुनाया दुखड़ा; कहानी सुन पुलिस भी चकराई
पत्नी की गवाही पर हुई सजा
रामनरेश की पत्नी गंगाश्री ने पहले पुलिस की एफआर को चुनौती दी। पति की हत्या करने वाले को सजा दिलाने के लिए मुकदमे में पैरवी की। हर तारीख पर न्यायालय में पहुंचकर न केवल खुद गवाही दी बल्कि अन्य गवाहों की गवाही भी कराई। उसने पति की हत्या करने वाले बीरबल के खिलाफ अदालत में गवाही दी। गंगाश्री की गवाही के आधार पर बीरबल को सजा सुनाई गई है।