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बड़े लेनदेन पर फंसे 15 लोग
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:23 PM IST
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नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग ने भी जिले के व्यापारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसका असर भी दिखने लगा है कि जिले के 15 लोगों पर आयकर विभाग ने बड़ा लेनदेन करने और उसका हिसाब न देने पर जुर्माना लगाया है। वहीं आयकर जमा करने वालों की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है।
जिले में बड़े पैमाने पर लोग जमीन से लेकर कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार कर रहे हैं। वहीं करहल से लखनऊ एक्सप्रेसवे निकलने के बाद जिले में प्रापर्टी सेक्टर में भी काफी बूम आया है। इसके बाद भी जितनी आय लोगों को घोषित करनी चाहिए। उतनी नहीं की जा रही है। इस पर आयकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार की आईडीएस योजना 30 सितंबर समाप्त होने के बाद आयकर विभाग ने लगभग 2500 लोगों को नोटिस जारी किए थे। उसके बाद से चल रहे स्क्रीनिंग के काम में विभाग ने मैनपुरी शहर, करहल और घिरोर के 15 ऐसे लोगों को चिह्नित किया जिनके खातोें में एक करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ। इसके बाद भी उक्त लोगों ने उसके अनुपात में आय घोषित नहीं की। जब उक्त लोगों से आय का स्रोत बताने के लिए कहा गया तो वे उसकी जानकारी भी नहीं दे सके। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उक्त 15 लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।
विभागीय सूत्रों के अनुसार उक्त लोगों पर जो टैक्स बनता है उसके अलावा इतना ही जुर्माना भी लगाया गया है। उक्त लोग प्रापर्टी, कृषि और अन्य कृषि से संबंधित व्यापार से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे उनकी जांच चल रही है। अभी अपनी आय घोषित न करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
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रिटर्न भरने वालों में 25 फीसदी का इजाफा
मैनपुरी। जिले में नोटबंदी और आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद अग्रिम आयकर जमा करने वालों की संख्या में 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि पहले जिले में 15 हजार लोग रिटर्न दाखिल करते थे। वहीं नोटबंदी के बाद इनकी संख्या 19 हजार के लगभग पहुंच गई है। अभी दिसंबर के अंत तक इसमें और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।
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जिले में बड़े पैमाने पर लोग जमीन से लेकर कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार कर रहे हैं। वहीं करहल से लखनऊ एक्सप्रेसवे निकलने के बाद जिले में प्रापर्टी सेक्टर में भी काफी बूम आया है। इसके बाद भी जितनी आय लोगों को घोषित करनी चाहिए। उतनी नहीं की जा रही है। इस पर आयकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार की आईडीएस योजना 30 सितंबर समाप्त होने के बाद आयकर विभाग ने लगभग 2500 लोगों को नोटिस जारी किए थे। उसके बाद से चल रहे स्क्रीनिंग के काम में विभाग ने मैनपुरी शहर, करहल और घिरोर के 15 ऐसे लोगों को चिह्नित किया जिनके खातोें में एक करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ। इसके बाद भी उक्त लोगों ने उसके अनुपात में आय घोषित नहीं की। जब उक्त लोगों से आय का स्रोत बताने के लिए कहा गया तो वे उसकी जानकारी भी नहीं दे सके। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उक्त 15 लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार उक्त लोगों पर जो टैक्स बनता है उसके अलावा इतना ही जुर्माना भी लगाया गया है। उक्त लोग प्रापर्टी, कृषि और अन्य कृषि से संबंधित व्यापार से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में आयकर अधिकारी अनिल कुमार पटेल ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे उनकी जांच चल रही है। अभी अपनी आय घोषित न करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
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रिटर्न भरने वालों में 25 फीसदी का इजाफा
मैनपुरी। जिले में नोटबंदी और आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद अग्रिम आयकर जमा करने वालों की संख्या में 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि पहले जिले में 15 हजार लोग रिटर्न दाखिल करते थे। वहीं नोटबंदी के बाद इनकी संख्या 19 हजार के लगभग पहुंच गई है। अभी दिसंबर के अंत तक इसमें और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।