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महाविद्यालयों में की जाए 33 प्रतिशत सीटों की वृद्धि
Mainpuri
Updated Sat, 07 Sep 2013 05:35 AM IST
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मैनपुरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को परिषद कार्यालय पर बैठक कर प्रदेश में व्याप्त शैक्षिक अराजकता एवं छात्र समस्याओं के संबंध में विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन आरसी डिग्री कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या को सौंपा गया।
परिषद के जिला संयोजक अनुपम शाक्य ने कहा कि इंटर में उत्तीर्ण छात्रों के अनुपात में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सीटों का अभाव है। ऐसे में महाविद्यालयों में 33 प्रतिशत सीटों में वृद्धि की जानी चाहिए। शिक्षा के अधिकार कानून को प्रदेश भर में ठीक से लागू किया जाए। सभी निजी, अनुदान प्राप्त और अल्पसंख्यक संस्थानों में 25 प्रतिशत गरीब छात्रों को निशुल्क प्रवेश दिया जाए। प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाए एवं नए पद सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करना स्थायी समाधान नहीं है। इस कारण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। निजी महाविद्यालयों में प्रबंधतंत्र द्वारा शुल्क के नाम पर की जा रही वसूली को तुरंत रोका जाए। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रत्येक विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं अवलोकन के लिए रखी जाएं, जिससे अन्य छात्रों को प्रेरणा मिले। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रदेश में सांध्यकालीन कक्षाएं पुन: प्रारंभ की जाएं। सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन के साथ मैनुअल हो। बैठक के बाद समस्याओं से संबंधित 14 सूत्रीय ज्ञापन आरसी महिला डिग्री कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या को सौंपा गया गया। इस मौके पर अरविंद, अवनीश कुमार, दिलीप शाक्य, विनय पालीवाल, आकाश कुमार, अमित कुमार, अक्षय अर्यन, शिवा, सतेंद्र कुमार, रामू, शैलेष आदि मौजूद थे।
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परिषद के जिला संयोजक अनुपम शाक्य ने कहा कि इंटर में उत्तीर्ण छात्रों के अनुपात में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सीटों का अभाव है। ऐसे में महाविद्यालयों में 33 प्रतिशत सीटों में वृद्धि की जानी चाहिए। शिक्षा के अधिकार कानून को प्रदेश भर में ठीक से लागू किया जाए। सभी निजी, अनुदान प्राप्त और अल्पसंख्यक संस्थानों में 25 प्रतिशत गरीब छात्रों को निशुल्क प्रवेश दिया जाए। प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाए एवं नए पद सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करना स्थायी समाधान नहीं है। इस कारण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। निजी महाविद्यालयों में प्रबंधतंत्र द्वारा शुल्क के नाम पर की जा रही वसूली को तुरंत रोका जाए। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रत्येक विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं अवलोकन के लिए रखी जाएं, जिससे अन्य छात्रों को प्रेरणा मिले। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रदेश में सांध्यकालीन कक्षाएं पुन: प्रारंभ की जाएं। सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन के साथ मैनुअल हो। बैठक के बाद समस्याओं से संबंधित 14 सूत्रीय ज्ञापन आरसी महिला डिग्री कालेज की कार्यवाहक प्राचार्या को सौंपा गया गया। इस मौके पर अरविंद, अवनीश कुमार, दिलीप शाक्य, विनय पालीवाल, आकाश कुमार, अमित कुमार, अक्षय अर्यन, शिवा, सतेंद्र कुमार, रामू, शैलेष आदि मौजूद थे।
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