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हत्या के मामले में अभियुक्त को उम्रकैद
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महोबा। सात वर्ष पुराने हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) अवनीश कुमार राय ने सोमवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर युवक को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
घटना थाना श्रीनगर के पवा गांव की है। छह मार्च 2014 की रात पवा निवासी शीला देवी ने थाना श्रीनगर में तहरीर देकर बताया था कि उसके पति हनुमत सिंह को गांव के ही सगुन राजपूत व उसके पुत्र वीरेंद्र सिंह और राजकुमार मछली पकड़ने की बात कहकर घर से ले गए थे। विरोध करने पर एक घंटे में घर भेजने की बात कही। दरवाजे की बाहर से कुंडी लगा दी। 24 घंटे बाद भी पति के घर न पहुंचने पर खोजबीन की गई और उसके परिवारों को सूचना दी गई। खोजबीन के दौरान हनुमत सिंह की चप्पलें रैपुरा बांध के किनारे पड़ी मिली। बाद में पानी से शव बरामद हुआ। दोनों हाथ टीशर्ट से बंधे होने के चलते हत्याकर शव फेंके जाने की आशंका जताई गई। मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना श्रीनगर में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियुक्त वीरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। शेष दोनों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया। अभियुक्त वीरेंद्र द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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घटना थाना श्रीनगर के पवा गांव की है। छह मार्च 2014 की रात पवा निवासी शीला देवी ने थाना श्रीनगर में तहरीर देकर बताया था कि उसके पति हनुमत सिंह को गांव के ही सगुन राजपूत व उसके पुत्र वीरेंद्र सिंह और राजकुमार मछली पकड़ने की बात कहकर घर से ले गए थे। विरोध करने पर एक घंटे में घर भेजने की बात कही। दरवाजे की बाहर से कुंडी लगा दी। 24 घंटे बाद भी पति के घर न पहुंचने पर खोजबीन की गई और उसके परिवारों को सूचना दी गई। खोजबीन के दौरान हनुमत सिंह की चप्पलें रैपुरा बांध के किनारे पड़ी मिली। बाद में पानी से शव बरामद हुआ। दोनों हाथ टीशर्ट से बंधे होने के चलते हत्याकर शव फेंके जाने की आशंका जताई गई। मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना श्रीनगर में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
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अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियुक्त वीरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। शेष दोनों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया। अभियुक्त वीरेंद्र द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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