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नाबालिग के विवाह की सूचना पर पुलिस ने रुकवाई शादी
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महोबा/श्रीनगर। चाइल्डलाइन नंबर 1098 में नाबालिग बालिका से विवाह की मिली सूचना पर चाइल्डलाइन टीम व पुलिस ने शादी रुकवा दी। सात फेरे लेने को तैयार दूल्हे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया जबकि दुल्हन बनने के लिए तैयार किशोरी व उसके परिजनों को विवाह स्थल में जाने से पहले से रोक लिया। 40 वर्ष का दूल्हा 15 वर्ष की किशोरी से सम्मेलन में विवाह रचा रहा था। पुलिस व चाइल्डलाइन टीम की तत्परता से शादी रुक गई।
कॉलर ने चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर सूचना दी कि मध्यप्रदेश के कस्बा नौगांव में चल रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में रविवार को एक नाबालिग का विवाह चोरी छिपे कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन केंद्र के समन्वयक प्रेमचंद्र यादव ने पूरे मामले से बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष नीलम को अवगत कराया। तब थाना अजनर व श्रीनगर पुलिस को बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि थाना अजनर के एक गांव निवासी किशोरी 15 वर्ष की है जिसका विवाह थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवक से कराया जा रहा है।
सूचना मिलते ही श्रीनगर पुलिस व चाइल्डलाइन टीम ने तत्परता दिखाते हुए फेरे लेने से पहले ही दूल्हे को हिरासत में ले लिया जबकि अजनर पुलिस ने अपनी सक्रियता से कन्या पक्ष को विवाह स्थल में जाने से पहले ही रोक लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों ने मंडप व मायने की रश्मेें पूरी कर ली थी। विवाह की सभी तैयारियां हो गई थी। सूचना पर बाल विवाह की घटना रुक गई। समिति की अध्यक्ष ने बताया कि मामले से बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी व जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जन जागरुकता के द्वारा रोका जा सकता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधीर त्यागी ने बताया कि शासन के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तर पर बाल विवाह रोकने के लिए डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है।
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पहले से न्यायालय में विचाराधीन है किशोरी का मामला
बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष नीलम ने बताया कि देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाली उक्त किशोरी का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। किशोरी के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए उसे उसके माता पिता को सौंपा गया था। बाल विवाह का मामला प्रकाश में आया। किशोरी के शैक्षणिक प्रपत्रों की जांच की गई, जिसमें वह नाबालिग है। परिजनों ने लिखित बयान में बालिक होने पर शादी करने की बात कही है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को मामले से अवगत करा दिया गया है। बाल विवाह को रोका गया है।
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कॉलर ने चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर सूचना दी कि मध्यप्रदेश के कस्बा नौगांव में चल रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में रविवार को एक नाबालिग का विवाह चोरी छिपे कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन केंद्र के समन्वयक प्रेमचंद्र यादव ने पूरे मामले से बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष नीलम को अवगत कराया। तब थाना अजनर व श्रीनगर पुलिस को बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि थाना अजनर के एक गांव निवासी किशोरी 15 वर्ष की है जिसका विवाह थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवक से कराया जा रहा है।
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सूचना मिलते ही श्रीनगर पुलिस व चाइल्डलाइन टीम ने तत्परता दिखाते हुए फेरे लेने से पहले ही दूल्हे को हिरासत में ले लिया जबकि अजनर पुलिस ने अपनी सक्रियता से कन्या पक्ष को विवाह स्थल में जाने से पहले ही रोक लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों ने मंडप व मायने की रश्मेें पूरी कर ली थी। विवाह की सभी तैयारियां हो गई थी। सूचना पर बाल विवाह की घटना रुक गई। समिति की अध्यक्ष ने बताया कि मामले से बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी व जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जन जागरुकता के द्वारा रोका जा सकता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधीर त्यागी ने बताया कि शासन के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तर पर बाल विवाह रोकने के लिए डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है।
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पहले से न्यायालय में विचाराधीन है किशोरी का मामला
बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष नीलम ने बताया कि देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाली उक्त किशोरी का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। किशोरी के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए उसे उसके माता पिता को सौंपा गया था। बाल विवाह का मामला प्रकाश में आया। किशोरी के शैक्षणिक प्रपत्रों की जांच की गई, जिसमें वह नाबालिग है। परिजनों ने लिखित बयान में बालिक होने पर शादी करने की बात कही है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को मामले से अवगत करा दिया गया है। बाल विवाह को रोका गया है।