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पीएम आवास योजना का लाभ न मिलने से नाराज ग्रामीण अनशन पर बैठे
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महोबा। प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने से नाराज ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। कस्बा कबरई के एक दर्जन महिलाओं व पुरुषों ने मंगलवार से सदर तहसील में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन करने के बाद सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। पैसे न देने पर उनके नाम सूची से हटा दिए जाते हैं, जिससे वह झुग्गी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
सदर तहसील में अनशन पर बैठे कस्बा कबरई निवासी रामअवतार, विद्या, नीलम, संतोष, रामनाथ, कामता, जयदेवी, रमेश, दिनेश, संतोष आदि ने बताया कि वह पीएम आवास योजना के तहत पात्रता श्रेणी में आते हैं। उन्होंने आवेदन किया था, पात्रता सूची में उनका नाम भी आ गया। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा आवास दिलाने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की गई। पैसे न देने पर उनके नाम सूची से हटा दिए गए। मामले की शिकायत कई बार विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे वह अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। अनशनकारियों ने बताया कि कुछ लाभार्थियों की दूसरी व तीसरी किश्त नहीं भेजी जा रही है। उनके आवास अधूरे पड़े हैं। उन्होंने अधूरे पड़े आवास के लाभार्थियों के खातों में शेष धनराशि भेजे जाने, दलालों पर अंकुश लगाए जाने, भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व अपात्रों की जांच कर धनराशि की वसूली किए जाने की मांग की है।
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सदर तहसील में अनशन पर बैठे कस्बा कबरई निवासी रामअवतार, विद्या, नीलम, संतोष, रामनाथ, कामता, जयदेवी, रमेश, दिनेश, संतोष आदि ने बताया कि वह पीएम आवास योजना के तहत पात्रता श्रेणी में आते हैं। उन्होंने आवेदन किया था, पात्रता सूची में उनका नाम भी आ गया। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा आवास दिलाने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की गई। पैसे न देने पर उनके नाम सूची से हटा दिए गए। मामले की शिकायत कई बार विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे वह अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। अनशनकारियों ने बताया कि कुछ लाभार्थियों की दूसरी व तीसरी किश्त नहीं भेजी जा रही है। उनके आवास अधूरे पड़े हैं। उन्होंने अधूरे पड़े आवास के लाभार्थियों के खातों में शेष धनराशि भेजे जाने, दलालों पर अंकुश लगाए जाने, भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व अपात्रों की जांच कर धनराशि की वसूली किए जाने की मांग की है।
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