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UP Election 2022 : वीरों की भूमि महोबा का क्या है सियासी गणित? ग्राफिक्स के जरिए समझिए यहां की पूरी राजनीति
Fri, 24 Dec 2021 09:32 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 24 Dec 2021 09:32 AM IST
सार
वीरों की भूमि महोबा का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। ये भूमि वीर अल्हा और ऊदल की है। इसे महोत्सव नगर यानी त्योहारों का शहर कहा जाता रहा है। इस शहर की पहचान यहां होने वाली बीटल पत्ती यानी पान से भी होती है।
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महोबा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महोबा की राजनीति भी काफी रोचक है। बुंदेलखंड में पड़ने वाले इस छोटे से जिले से मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती तक चुनाव लड़ चुकी हैं। यहां दो विधानसभा क्षेत्र हैं। दोनों इस वक्त भारतीय जनता पार्टी के पास हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में महोबा सीट से राकेश कुमार गोस्वामी और चरखारी सीट से बृजभूषण राजपूत जीते थे।
महोबा जिला बनने से पहले यह हमीरपुर जिले की एक तहसील हुआ करती थी। 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसे अलग जिला बना दिया। यहां की चरखारी सीट 2012 से भाजपा के पास है, जबकि महोबा सीट पर 2017 में 25 साल बाद कमल खिला था। 2017 से पहले आखिरी बार 1991 में यहां से भाजपा के छोटे लाल मिश्र ने जीत हासिल की थी।
इसके बाद 1993 और 1996 में अमरिंदन सिंह विधायक चुने गए। पहले जनता दल और फिर समाजवादी पार्टी से उन्होंने चुनाव लड़ा था। 2002 में भी ये सीट सपा के कब्जे में थी। तब यहां से सिद्धा गोपाल विजयी हुए थे। 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने यहां से जीत हासिल की। 2017 में भाजपा के राकेश कुमार गोस्वामी यहां से निर्वाचित हुए।
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महोबा जिला बनने से पहले यह हमीरपुर जिले की एक तहसील हुआ करती थी। 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसे अलग जिला बना दिया। यहां की चरखारी सीट 2012 से भाजपा के पास है, जबकि महोबा सीट पर 2017 में 25 साल बाद कमल खिला था। 2017 से पहले आखिरी बार 1991 में यहां से भाजपा के छोटे लाल मिश्र ने जीत हासिल की थी।
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इसके बाद 1993 और 1996 में अमरिंदन सिंह विधायक चुने गए। पहले जनता दल और फिर समाजवादी पार्टी से उन्होंने चुनाव लड़ा था। 2002 में भी ये सीट सपा के कब्जे में थी। तब यहां से सिद्धा गोपाल विजयी हुए थे। 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने यहां से जीत हासिल की। 2017 में भाजपा के राकेश कुमार गोस्वामी यहां से निर्वाचित हुए।
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