{"_id":"6ababc49ec57d2624b04d787","slug":"two-including-a-young-child-die-of-fever-11-patients-admitted-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-129190-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: बुखार से मासूम समेत दो की मौत, 11 मरीज भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: बुखार से मासूम समेत दो की मौत, 11 मरीज भर्ती
विज्ञापन
महोबा। संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। रविवार की रात बुखार से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं सोमवार को छह घंटे में 11 मरीजों को हालत गंभीर में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं निजी क्लीनिकों में भी उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द, निमोनिया आदि के मरीजों की भरमार है।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों को घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी। ओपीडी में 836 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनमें मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीज ज्यादा रहे। बुखार, पेट दर्द आदि से पीड़ित कौशलेंद्र, महेश्वरी, घंसू, रियांश, प्रभारानी, धुंधा, प्रेम, समीक्षा, खुशबू, कमला व रेशमा को भर्ती कराया गया।
वहीं मध्यप्रदेश के टिकरी निवासी इंदल के एक माह के बेटे आशीष को दो दिन से बुखार आ रहा था। रात को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसी तरह कस्बा चरखारी के सुदामापुरी निवासी उमाशंकर (35) तीन दिन से बुखार और पेटदर्द से पीड़ित थे। देर रात तेज बुखार होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. यतींद्र पुरवार ने बताया कि परिजन दोनों को मृत अवस्था में लाए थे। परिजन ने बुखार आने की बात बताई है। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम कराए बगैर ही शव घर ले गए।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले व बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रुमाल से ढकें।
-कूलर, टायर व आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।
-लगातार पानी पीते रहें।
-जरा सी दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों को घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी। ओपीडी में 836 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनमें मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीज ज्यादा रहे। बुखार, पेट दर्द आदि से पीड़ित कौशलेंद्र, महेश्वरी, घंसू, रियांश, प्रभारानी, धुंधा, प्रेम, समीक्षा, खुशबू, कमला व रेशमा को भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
वहीं मध्यप्रदेश के टिकरी निवासी इंदल के एक माह के बेटे आशीष को दो दिन से बुखार आ रहा था। रात को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसी तरह कस्बा चरखारी के सुदामापुरी निवासी उमाशंकर (35) तीन दिन से बुखार और पेटदर्द से पीड़ित थे। देर रात तेज बुखार होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. यतींद्र पुरवार ने बताया कि परिजन दोनों को मृत अवस्था में लाए थे। परिजन ने बुखार आने की बात बताई है। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम कराए बगैर ही शव घर ले गए।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले व बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रुमाल से ढकें।
-कूलर, टायर व आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।
-लगातार पानी पीते रहें।
-जरा सी दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।