फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Hopes sown in the fields... farmers in distress.

Mahoba News: खेतों में बिछे अरमान... संकट में किसान

Tue, 29 Sep 2026 12:55 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
Hopes sown in the fields... farmers in distress.
फोटो 28 एमएएचपी 22 परिचय-कस्बा खन्ना क्षेत्र में चंद्रावल नदी उफनाने से इस तरह खेतों में भरा पा
महोबा/खन्ना/कुलपहाड़। जिले में तीन दिन लगातार हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जनपद में दो लाख हेक्टेयर से अधिक में बोई गई उड़द, मूंग, तिल और मूंगफली की खरीफ फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। अधिकांश खेतों में पानी भरा होने से मूंगफली की फसल सड़ने लगी है। ऐसे में किसानों के लिए खाद-बीज की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

माह सितंबर के पहले सप्ताह में हुई लगातार बारिश से पहले ही जिले में 70 से 80 फीसदी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद पिछले तीन दिन लगातार हुई बारिश ने किसानों की बची-खुची उम्मीद भी तोड़ दी। खेतों में पानी भरने से फसलें गलने लगी हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उधर, खन्ना क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी आसपास के खेतों में भर गया। इससे तिलहन, मूंग व उड़द की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसान रघुवीर यादव, बसंता, सुरेंद्र यादव, भगीरथ, सुनील कुमार आदि ने बताया कि खरीफ की फसल बर्बाद होने से परिवार के खर्च और अगली फसल की तैयारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों ने फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। उधर, एडीएम राजस्व इंद्रनंदन सिंह का कहना है कि बारिश से बर्बाद फसलों का संयुक्त टीम से सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन


किसानों ने बताई दिक्कत
कुलपहाड़ के किसान राजेश यादव बड़े काश्तकार हैं और आधुनिक खेती करते हैं। उन्होंने अच्छे व महंगे बीज मंगाकर मूंगफली, तिल और मूंग की फसल बोई थी। आशा थी कि फसल बेहतर होगी लेकिन बारिश के चलते पूरी फसल नष्ट हो गई। ऐसे में लागत निकलना तो दूर एक दाना घर पहुंचना भी मुश्किल नजर आ रहा है। उन्होंने सर्वे कराकर किसानों को राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुलपहाड़ तहसील के खोनरिया गांव निवासी पवन यादव बताते हैं कि उन्होंने कम बारिश की संभावना को देखते हुए तिल की फसल ज्यादा रकबे में बोई थी। बारिश इतनी ज्यादा हुई कि खेत में एक भी पौधा नहीं बचा। अब सरकारी सहायता मिलेगी, तभी रबी की फसल के लिए खाद व बीज का इंतजाम हो सकेगा।


खेतों में पहुंचे डीएम, देखी हकीकत
लगातार बारिश से फसलों को नुकसान होने पर सोमवार को डीएम प्रभास कुमार ने पलका गांव स्थित खेतों में पहुंच हकीकत परखी। उन्होंने खेतों में लगी फसलों और मड़ाई के लिए कटी रखी फसल को देखते हुए किसानों से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर फसलों का सर्वे करें। क्षति का नियमानुसार आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। सर्वे कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। सर्वे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को शासन की ओर से निर्धारित प्रावधानों के तहत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम शिवध्यान पांडेय भी मौजूद रहे।

फोटो 28 एमएएचपी 22 परिचय-कस्बा खन्ना क्षेत्र में चंद्रावल नदी उफनाने से इस तरह खेतों में भरा पा

फोटो 28 एमएएचपी 22 परिचय-कस्बा खन्ना क्षेत्र में चंद्रावल नदी उफनाने से इस तरह खेतों में भरा पा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed