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Mahoba News: नौकरी न मिलने से परेशान युवक ने फंदा लगाकर दी जान
Sun, 03 Sep 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:01 AM IST
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महोबा। खन्ना क्षेत्र के बरभौली गांव में नौकरी न मिलने से परेशान युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। एक सप्ताह पहले युवक बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुआ था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
बरभौली गांव निवासी सोहनलाल यादव के पुत्र नरेंद्र (25) ने स्नातक करने के बाद बीएड की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जिसके बाद से वह नौकरी की तलाश में जुटा था। शिक्षक भर्ती समेत अन्य विभागों में उसने नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन सफलता नहीं मिलीं। 26 अगस्त को नरेंद्र बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुआ था। बाद में उसे जानकारी हुई कि बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक पात्रता से बाहर रखा गया है। नौकरी न मिलने से वह परेशान रहता था। शुक्रवार की रात नरेंद्र ने कच्चे मकान में लट्ठे से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई।
शनिवार की सुबह जब परिजन जागे ताे युवक को फंदे पर लटकता देख सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से जानकारी ली। मृतक के पिता ने बताया कि बीएड करने के बाद नरेंद्र को नौकरी की उम्मीद थी लेकिन सफलता न मिलने पर उसने यह कदम उठाया। मृतक तीन भाइयों महेंद्र, सुरेंद्र के बाद सबसे छोटा था। बेटे की मौत के बाद मां पार्वती अपनी सुध-बुध खो बैठी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
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बरभौली गांव निवासी सोहनलाल यादव के पुत्र नरेंद्र (25) ने स्नातक करने के बाद बीएड की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जिसके बाद से वह नौकरी की तलाश में जुटा था। शिक्षक भर्ती समेत अन्य विभागों में उसने नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन सफलता नहीं मिलीं। 26 अगस्त को नरेंद्र बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुआ था। बाद में उसे जानकारी हुई कि बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक पात्रता से बाहर रखा गया है। नौकरी न मिलने से वह परेशान रहता था। शुक्रवार की रात नरेंद्र ने कच्चे मकान में लट्ठे से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई।
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शनिवार की सुबह जब परिजन जागे ताे युवक को फंदे पर लटकता देख सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से जानकारी ली। मृतक के पिता ने बताया कि बीएड करने के बाद नरेंद्र को नौकरी की उम्मीद थी लेकिन सफलता न मिलने पर उसने यह कदम उठाया। मृतक तीन भाइयों महेंद्र, सुरेंद्र के बाद सबसे छोटा था। बेटे की मौत के बाद मां पार्वती अपनी सुध-बुध खो बैठी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
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