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महिलाएं उत्पीड़न का डटकर करें मुकाबला
Sat, 20 Apr 2019 11:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
mahoba
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 20 Apr 2019 11:57 PM IST
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अमर उजाला अपराजिता गोष्ठी को संबोधित करतीं प्रधानाचार्या बीना तिवारी
- फोटो : amarujala
महोबा। शहर के सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज में शनिवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत महिला शिक्षा और सुरक्षा जागरुकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि कालेज की प्रधानाचार्या बीना तिवारी ने कहा कि छात्राएं उत्पीड़न की घटना पर खामोश न रहें बल्कि उसका डटकर मुकाबला करें। छेड़खानी व छींटाकशी होने पर परिजनों व शिक्षकों को बताएं और यदि जरूरत पड़े तो 100 नंबर डायल कर पुलिस की मदद लें।
शिक्षा एवं सुरक्षा जागरुकता गोष्ठी में प्रधानाचार्या ने कहा कि उत्पीड़न को सहन न करें। बल्कि डटकर उसका मुकाबला करें। आज नारी को अपने आपको मजबूत बनाने की जरूरत है। छात्राएं किसी से कम नहीं है। शिक्षिका अनिल प्रभा अवस्थी ने कहा कि समय समय पर इस प्रकार के आयोजनों से छात्राओं में जागरुकता आई है। छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं।
शिक्षिका पूनम पाल ने कहा कि महिलाएं किसी से कम नहीं है। बस जरूरत है उनका मन कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने गीत के माध्यम से छात्राओं को उनकी शक्ति का एहसास कराया। ज्योति गुप्ता ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जागरुकता आई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कुछ अभिभावक बेटों और बेटियों में फर्क रखते है। सरकार ने समान शिक्षा का अधिकार दिया है। ऐसे में अभिभावक छात्र छात्राओं दोनों को बराबरी की शिक्षा दिलाएं। कल्पना तिवारी ने भी छात्राओं को बेहतर शिक्षा अर्जित कर माता-पिता और जिले का नाम रोशन करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ने सभी छात्राओं को नारी गरिमा की शपथ दिलाई।
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शिक्षा एवं सुरक्षा जागरुकता गोष्ठी में प्रधानाचार्या ने कहा कि उत्पीड़न को सहन न करें। बल्कि डटकर उसका मुकाबला करें। आज नारी को अपने आपको मजबूत बनाने की जरूरत है। छात्राएं किसी से कम नहीं है। शिक्षिका अनिल प्रभा अवस्थी ने कहा कि समय समय पर इस प्रकार के आयोजनों से छात्राओं में जागरुकता आई है। छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं।
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शिक्षिका पूनम पाल ने कहा कि महिलाएं किसी से कम नहीं है। बस जरूरत है उनका मन कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने गीत के माध्यम से छात्राओं को उनकी शक्ति का एहसास कराया। ज्योति गुप्ता ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जागरुकता आई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कुछ अभिभावक बेटों और बेटियों में फर्क रखते है। सरकार ने समान शिक्षा का अधिकार दिया है। ऐसे में अभिभावक छात्र छात्राओं दोनों को बराबरी की शिक्षा दिलाएं। कल्पना तिवारी ने भी छात्राओं को बेहतर शिक्षा अर्जित कर माता-पिता और जिले का नाम रोशन करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ने सभी छात्राओं को नारी गरिमा की शपथ दिलाई।
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