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Mahoba News: एक सप्ताह तक नहीं जा रहा बुखार, जांच में निकल रहा टाइफाइड
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महोबा। मौसम में बदलाव के बीच बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 750 से अधिक मरीज इलाज लिए पहुंचे। इनमें बुखार, सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण से पीड़ितों की संख्या ज्यादा रही। कुछ मरीजों में एक सप्ताह तक बुखार ठीक न होने पर जांच में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। 24 घंटे में बुखार से पीड़ित 10 मरीजों की हालत गंभीर होने पर भर्ती कराया गया।
दो दिन से निकल रही तेज धूप व उमस से लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत कक्षों में डॉक्टरों को दिखवाने पर करनी पड़ी। डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि वायरल संक्रमण होने पर मरीजों को पांच से छह दिन तक नियमित दवाओं का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
कुछ मरीज आराम लगने पर तीन दिन बाद ही दवाएं बंद कर देते हैं। इससे बुखार दोबारा पकड़ लेता है। नियमित दवाओं का सेवन न करने से बुखार सात से आठ दिन तक बना रहने पर जांच में टाइफाइड निकल रहा है। वहीं 24 घंटे में हल्कीबाई, रेखा, आर्यांश, रजवी, प्रशांत, शानवी, हरगोविंद समेत दस लोगों की बुखार से हालत गंभीर होने पर भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। बीते 10 दिन में अस्पताल आए मरीजों में से 889 लोगों के खून की जांच की गई जिसमें से 26 मरीज टाइफाइड से ग्रसित पाए गए। एक दिन पहले टाइफाइड से ग्रसित एक महिला की हालत बिगड़ने से जान जा चुकी है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि आए दिन हो रहे मौसम में बदलाव से लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों में बेहद ध्यान देने की जरूरत है।
मरीजों की भीड़ को देखकर बनाया अतिरिक्त काउंटर
पिछले एक पखवाड़े से मौसम में उतार-चढ़ाव से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। इससे इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए लैब में मरीजों को जांच रिपोर्ट देने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है ताकि मरीजों की किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मरीजों को दो काउंटर से जांच रिपोर्ट मिलने पर आसानी हुई।
बरतें यह सावधानी
-उबला या साफ पानी ही पीएं।
-खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।
-भोजन से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
-बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें।
-बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
-वायरल बुखार में बताई गई दवाओं का निर्धारित अवधि तक सेवन करें।
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दो दिन से निकल रही तेज धूप व उमस से लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत कक्षों में डॉक्टरों को दिखवाने पर करनी पड़ी। डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि वायरल संक्रमण होने पर मरीजों को पांच से छह दिन तक नियमित दवाओं का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
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कुछ मरीज आराम लगने पर तीन दिन बाद ही दवाएं बंद कर देते हैं। इससे बुखार दोबारा पकड़ लेता है। नियमित दवाओं का सेवन न करने से बुखार सात से आठ दिन तक बना रहने पर जांच में टाइफाइड निकल रहा है। वहीं 24 घंटे में हल्कीबाई, रेखा, आर्यांश, रजवी, प्रशांत, शानवी, हरगोविंद समेत दस लोगों की बुखार से हालत गंभीर होने पर भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। बीते 10 दिन में अस्पताल आए मरीजों में से 889 लोगों के खून की जांच की गई जिसमें से 26 मरीज टाइफाइड से ग्रसित पाए गए। एक दिन पहले टाइफाइड से ग्रसित एक महिला की हालत बिगड़ने से जान जा चुकी है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि आए दिन हो रहे मौसम में बदलाव से लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों में बेहद ध्यान देने की जरूरत है।
मरीजों की भीड़ को देखकर बनाया अतिरिक्त काउंटर
पिछले एक पखवाड़े से मौसम में उतार-चढ़ाव से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई। इससे इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए लैब में मरीजों को जांच रिपोर्ट देने के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है ताकि मरीजों की किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मरीजों को दो काउंटर से जांच रिपोर्ट मिलने पर आसानी हुई।
बरतें यह सावधानी
-उबला या साफ पानी ही पीएं।
-खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।
-भोजन से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
-बुखार होने पर पर्याप्त आराम करें।
-बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
-वायरल बुखार में बताई गई दवाओं का निर्धारित अवधि तक सेवन करें।