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Mahoba News: कई किसानों से ऑनलाइन वसूले हजारों रुपये

Sat, 12 Sep 2026 12:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:20 AM IST
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Thousands of rupees collected online from many farmers.
फोटो 11 एमएएचपी 13 परिचय-नटर्रा गांव में सर्वेयरों को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाते ग्रा
महोबा। नटर्रा गांव में फसल बीमा सर्वे के नाम पर कई किसानों से ऑनलाइन रुपये भी वसूले गए। किसान इंद्रपाल कुशवाहा ने बताया कि उसने खरीफ सीजन में उड़द, तिल व मूंगफली की फसल का बीमा कराया था। फसल खराब होने पर बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। सर्वे के लिए आए युवकों ने उससे पांच हजार रुपये ऑनलाइन लिए। अन्य किसान प्रशांत, कुलदीप और रामरतन समेत कई किसानों से भी सुविधा शुल्क वसूले जाने पर दोनों सर्वेयरों को पकड़ा व पुलिस को सौंप दिया। काकुन गांव के किसान अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्वे के नाम पर कर्मचारियों ने उनसे ढाई हजार रुपये लिया जबकि अन्य किसानों से पांच हजार रुपये तक वसूले गए। किसानों का कहना है कि सर्वेयरों ने बताया था कि खेत में 10 से 15 फीसदी ही फसल का नुकसान है। यदि रुपये दोगे तो 80 फीसदी नुकसान दिखाकर फसल बीमा का लाभ मिलेगा।
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चरखारी विधायक ने कहा, सब कुछ करो बस मारना मत
भाजपा विधायक ने वीडियो कॉल में ग्रामीणों से कहा कि इनको पेटीकोट व चूड़ियां पहनाओ, लिपस्टिक लगाओ, गले में जूतों की माला डालकर मुंह काला करो और पूरे गांव में घुमाया। फिर पुलिस को देना। बस मारना मत। विधायक बृजभूषण राजपूत का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की वसूली नहीं होने दी जाएगी। ऐसा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ इसी तरह का बर्ताव किया जाएगा। विधायक प्रतिनिधि सूरज पांडेय का कहना है कि ऐसी वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों से संवाद करने और मुआवजे के नाम पर किसी को रुपये न देने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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सर्वेयर बोले, अस्थायी नौकरी थी, सर्वे का मिला था काम
अवैध वसूली के आरोप में पकड़े गए सर्वेयर धीरज व ओमप्रकाश से चरखारी विधायक ने वीडियो कॉल पर बात कही। सर्वेयरों ने बताया कि उन्होंने कंपनी को रिज्यूम भेजा था। उन्हें सर्वे के लिए अस्थायी नौकरी मिली है। वह कभी कार्यालय नहीं गए। उन्होंने कुछ लोगों से रुपये लेने की बात कही। विधायक से बातचीत के दौरान सर्वेयरों ने खुद को छात्र बताया।
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सर्वेयरों को बीमा कंपनी की ओर से सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। दो युवक सर्वे करने गए थे। किसानों ने सर्वे के नाम पर रुपये वसूलने के आरोप लगाए हैं। जांच कराई जा रही है। पुलिस को तहरीर भी दी गई है। जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रामसजीवन, उप कृषि निदेशक, महोबा।


महोबा में पहले भी हो चुका है 40 करोड़ का फसल बीमा घोटाला
जिले में खरीफ 2023 में बड़े स्तर पर घोटाला सामने आ चुका है। करीब 40 करोड़ के घोटाले में कई लोगों पर कार्रवाई भी हुई। खरीफ 2023 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत घोटालेबाजों ने न सिर्फ किसानों की भूमि को अपना बताकर फसल बीमा कराया बल्कि नदी, नाले, पहाड़, मंदिर, स्कूल, बंजर और वन विभाग की जमीनों का भी बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया। मामला उजागर होने पर उप कृषि निदेशक ने बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत कई अज्ञात पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज हुईं। इस मामले में पुलिस ने बीमा कंपनी के प्रबंधक समेत 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस मामले की जांच अभी चल रही है। इसी तरह घोटालेबाजों ने वर्ष 2024 में भी घोटाले को दोहराने की तैयारी की थी। फर्जी तरीके से जमीनों का बीमा कराया गया। हालांकि प्रशासन की सतर्कता व जांच के बाद इस प्रकार की करीब 50 हजार पाॅलिसियां निरस्त कर दी गई थीं। अब खरीफ वर्ष 2026 में फसल बीमा के सर्वे के नाम पर वसूली के आरोप लग रहे हैं।

फोटो 11 एमएएचपी 13 परिचय-नटर्रा गांव में सर्वेयरों को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाते ग्रा

फोटो 11 एमएएचपी 13 परिचय-नटर्रा गांव में सर्वेयरों को जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाते ग्रा

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