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वाहनों के न आने से पत्थर कारोबार ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:18 PM IST
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बीस दिन पहले हमीरपुर में यमुना नदी का पुल टूटने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाने से पत्थर मंडी का कारोबार ठप हो गया है, जिससे श्रमिकों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। इससे मंडी में पत्थर व्यापारियों को करोड़ों रुपये की क्षति हो रही है।
बुंदेलखंड में ब्लैक हार्ड स्टोन ग्रिट का उत्पादन बिल्डिंग एवं सड़क निर्माण के लिए भारी मात्रा में कबरई में होता है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में कबरई को जाना जाता है, यहां 300 से अधिक स्टोन क्रेशर हैं साथ ही 400 से अधिक खनन पट्टे हैं। पत्थर मंडी में बीस हजार से अधिक श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार मिलता है। हर साल जून के अंतिम सप्ताह में हमीरपुर में यमुना का पुल टूटने से यहां का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अब तक सात बार यमुना पुल टूट चुका है। कबरई पत्थर मंडी से प्रतिदिन कानपुर लखनऊ की ओर एक हजार से अधिक वाहन गिट्टी लेने आते हैं। पुल के टूटने से कबरई पत्थर मंडी में आने वाली गाड़ियाें ने पत्थर मंडी झांसी की तरफ रुख कर लिया है, जिससे क्रेशर मशीनों के पहिए थम गए हैं। वाहनों के न आने, तथा उत्पादन न होने से श्रमिकों को काम नहीं मिल रहा है। वहीं कच्चे माल की निकासी बंद हो जाने के कारण पहाड़ों में भी काम नहीं मिल रहा है।
क्रेशर प्लांट बंद बिल भेज रहा विभाग
पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई में ट्रकों के न आने से क्रेशरों में गिट्टी बनाने का काम बंद हो गया है, लेकिन बिजली का बिल बराबर आ रहा हैं। इससे क्रेशर संचालकों को दोहरी मार सहनी पड़ रही है। एक तरफ काम न होने से जहां पत्थर कारोबारियों को घाटा लग रहा है, वहीं बिजली विभाग द्वारा लाखों रुपये का बिल बराबर भेजा जा रहा है ।
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लाखों के राजस्व का हो रहा नुकसान
जिले में हर विभाग के राजस्व की रीढ़ खनिज आधारित कबरई का पत्थर उद्योग है । जहां से खनिज को प्रतिदिन 40 लाख, वाणिज्यकर को 10 लाख, आयकर को 1 लाख, बिजली विभाग को दस लाख की आय होती है, वहीं प्रतिदिन करोड़ाें रुपये का व्यापारियों का टर्नओवर होता है। अचानक यमुना पुल की विपदा से पूरा राजस्व धड़ाम हो गया है । डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर आरपी त्रिपाठी ने बताया कि एक माह से उनके यहां पत्थर उद्योग मद में मामूली रकम जमा हुई है। अब शासन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा इसे लेकर खनिज और अन्य सभी महकमें परेशान हैं।
सांसद के साथ करेंगे पुल निर्माण की मांग
क्रेशर यूनियन क ी आपात बैठक शनिवार को शिवम ग्रेनाइट अलीपुरा में राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें रामकिशोर सिंह ने बताया कि यदि यूनियन ने यमुना पुल निर्माण की मांग तेज नहीं की तो करोड़ों रुपये का यह पत्थर कारोबार ठप हो जाएगा। अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है कि एक प्रतिनिधि मंडल सांसद के साथ केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा और यमुना पुल की स्वीकृति के लिए तेजी से प्रयास करेगा। ताकि इस उद्योग को बचाया जा सके।
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बुंदेलखंड में ब्लैक हार्ड स्टोन ग्रिट का उत्पादन बिल्डिंग एवं सड़क निर्माण के लिए भारी मात्रा में कबरई में होता है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में कबरई को जाना जाता है, यहां 300 से अधिक स्टोन क्रेशर हैं साथ ही 400 से अधिक खनन पट्टे हैं। पत्थर मंडी में बीस हजार से अधिक श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार मिलता है। हर साल जून के अंतिम सप्ताह में हमीरपुर में यमुना का पुल टूटने से यहां का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अब तक सात बार यमुना पुल टूट चुका है। कबरई पत्थर मंडी से प्रतिदिन कानपुर लखनऊ की ओर एक हजार से अधिक वाहन गिट्टी लेने आते हैं। पुल के टूटने से कबरई पत्थर मंडी में आने वाली गाड़ियाें ने पत्थर मंडी झांसी की तरफ रुख कर लिया है, जिससे क्रेशर मशीनों के पहिए थम गए हैं। वाहनों के न आने, तथा उत्पादन न होने से श्रमिकों को काम नहीं मिल रहा है। वहीं कच्चे माल की निकासी बंद हो जाने के कारण पहाड़ों में भी काम नहीं मिल रहा है।
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क्रेशर प्लांट बंद बिल भेज रहा विभाग
पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई में ट्रकों के न आने से क्रेशरों में गिट्टी बनाने का काम बंद हो गया है, लेकिन बिजली का बिल बराबर आ रहा हैं। इससे क्रेशर संचालकों को दोहरी मार सहनी पड़ रही है। एक तरफ काम न होने से जहां पत्थर कारोबारियों को घाटा लग रहा है, वहीं बिजली विभाग द्वारा लाखों रुपये का बिल बराबर भेजा जा रहा है ।
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लाखों के राजस्व का हो रहा नुकसान
जिले में हर विभाग के राजस्व की रीढ़ खनिज आधारित कबरई का पत्थर उद्योग है । जहां से खनिज को प्रतिदिन 40 लाख, वाणिज्यकर को 10 लाख, आयकर को 1 लाख, बिजली विभाग को दस लाख की आय होती है, वहीं प्रतिदिन करोड़ाें रुपये का व्यापारियों का टर्नओवर होता है। अचानक यमुना पुल की विपदा से पूरा राजस्व धड़ाम हो गया है । डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर आरपी त्रिपाठी ने बताया कि एक माह से उनके यहां पत्थर उद्योग मद में मामूली रकम जमा हुई है। अब शासन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा इसे लेकर खनिज और अन्य सभी महकमें परेशान हैं।
सांसद के साथ करेंगे पुल निर्माण की मांग
क्रेशर यूनियन क ी आपात बैठक शनिवार को शिवम ग्रेनाइट अलीपुरा में राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें रामकिशोर सिंह ने बताया कि यदि यूनियन ने यमुना पुल निर्माण की मांग तेज नहीं की तो करोड़ों रुपये का यह पत्थर कारोबार ठप हो जाएगा। अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है कि एक प्रतिनिधि मंडल सांसद के साथ केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा और यमुना पुल की स्वीकृति के लिए तेजी से प्रयास करेगा। ताकि इस उद्योग को बचाया जा सके।