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Mahoba News: चार साल में दम तोड़ गए ओपन जिम व खेल मैदान

Sat, 27 Dec 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sat, 27 Dec 2025 12:08 AM IST
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The open-air gym and sports fields have fallen into disrepair in four years.
फोटो 26 एचएएमपी 01- इसलामपुर गांव के मैदान में टूटे पड़े झूले। संवाद
सरीला (हमीरपुर)। सरीला ब्लॉक में ग्रामीण युवाओं को खेलकूद व स्वास्थ्य से जोड़ने के मकसद से 2021 से 2023 के बीच बने ओपन जिम व खेल मैदानों ने चार साल में ही दम तोड़ दिया है। मनरेगा व राज्य वित्त से प्रति मैदान 10 से 20 लाख तक खर्च हुए, मगर रखरखाव न होने से ज्यादातर जगह उपकरण टूट चुके हैं। झाड़ियां उग आई हैं, तार फेंसिंग व बाउंड्री जर्जर हो गई।
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ब्लॉक के इंदरपुरा, धगवा, अतरौली, ममना, बिलगांव, बौखर, पुरैनी, छिबौली व इसलामपुर गांवों में ये सुविधाएं बनी थीं। योजना में पीने का पानी, शौचालय, पाथवे, इंटरलॉकिंग व फेंसिंग का प्रावधान था, लेकिन जमीनी हकीकत उलट है। सफाई न होने से घास-झाड़ फैल गए। कहीं बाउंड्री टूट चुकी, तो कहीं जिम उपकरण गायब या टूटे पड़े हैं। नतीजा, युवाओं को इसका फायदा नहीं मिल रहा।
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छिबौली में 6 लाख की लागत बेकार

छिबौली गांव में मनरेगा से 6.05 लाख में गेट, पाथवे, तारबाड़ी, समतलीकरण व पौधरोपण हुआ। राज्य वित्त से शौचालय व समरसेबल बने, लेकिन दो साल से समरसेबल खराब पड़े हैं। शौचालय के गेट-सीट टूटे हैं। नमामि गंगे से लगी पानी टंकी की लाइन क्षतिग्रस्त है। चौकीदार तैनात नहीं, इंटरलॉकिंग पर झाड़ियां उग आईं। ग्रामीण रामनरेश बताते हैं, खेल मैदान बना तो सही, लेकिन जल्दी ही सब खराब हो गया। न पानी ठीक, न सफाई।
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इसलामपुर में 13 लाख का जिम जर्जर

इसलामपुर में 13 लाख से ओपन जिम बना, लेकिन ज्यादातर उपकरण टूट चुके। झूला गायब, सिर्फ लोहे का फ्रेम बचा। मैदान पर घास उगी, परिसर उपेक्षित लगता है। ग्रामीण ब्रजेंद्र चौबे का आरोप है कि युवाओं के लिए बना मैदान बेकार हो गया। शिकायत पर कुछ उपकरण लगे, मगर स्थायी हल नहीं।





खेल मैदानों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की है। यदि कहीं गड़बड़ी या लापरवाही की शिकायत मिलती है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विपिन कुमार, बीडीओ सरीला
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