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सृष्टि का सार है परमात्मा
ब्यूरो अमर उजाला, महोबा
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:52 PM IST
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डाक बंगला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को कथा वाचिका विदुषी साध्वी पद्महस्ता भारती जी ने भगवान की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा जैसे आध्यात्मिक प्रसंग सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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कथा वाचिका ने कहा कि गोकुल की गलियों में दौड़ते हुए इस गोप बालक को देखकर कौन कह सकता है कि वह परमात्मा है। उन्होंने बताया कि परमात्मा की लीलाएं सदैव मनुष्य के लिए रहस्य बनी हुई है, क्योंकि वह परमात्मा को बुद्धि के द्वारा ही समझना चाहता है, जो संभव नहीं।
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कहा कि इसलिए रावण, कंस, दुर्योधन जैसे लोग भी प्रभु की लीलाओं से धोखा खा गए। उन्होंने कहा कि प्रभु की प्रत्येक लीला में आध्यात्मिक रहस्य छिपा होता है।
कथा वाचिका ने बताया कि प्रभु हमें समझाना चाहते है कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करना चाहिए। कथा के दौरान बीच- बीच में भगवान के संगीतमय भजन सुनाकर भक्तों को झूमने को मजबूर कर दिया। कथा के दौरान अश्विनी द्विवेदी, पंकज तिवारी, राहुल दीक्षित, लायक सिंह आदि भक्तों ने कथा का रसास्वादन किया।
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