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विकलांगों को मिले समाज में बराबरी का दर्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Tue, 23 Dec 2014 11:43 PM IST
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विश्व विकलांग दिवस पर विकलांग कल्याण समिति के तत्वावधान में मंगलवार को डाक बंगला मैदान में रैली में वक्ताओं ने विकलांगाें को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाए जाने पर जोर दिया। साथ ही विकलांगाें की पेंशन बढ़ाने, विभिन्न योजनाआें में आरक्षण देने आदि सुविधाएं दिलाए जाने की मांग की।
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जिलाध्यक्ष मुकेश भारती ने कहा कि आजादी के बाद से आज तक विकलांगाें को समाज में बराबरी का दर्जा नहीं मिल सका है। कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का समुचित लाभ भी विकलांगों को नहीं मिल पा रहा। विकलांग अपने अधिकारों के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
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कहा कि विकलांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये की जानी चाहिए। साथ ही विकलांग एवं विधवाओं के बीपीएल कार्ड बनवाए जाएं।
उरई जिलाध्यक्ष डॉ. ज्ञानचंद्र ने कहा कि अब विकलांग वर्ग जागरूक हो गया है और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने में भी सक्षम है। कहा कि विकलांगों के हक में बाधक बनने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्हाेंने कहा कि विकलांगाें को सरकारी राशन की दुकानों के लिए तीन प्रतिशत कोटा पूरा किया जाए। रेलवे पास में 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत छूट दी जाए।
कहा कि विकलांगाें के कार्ड केवल राशन कार्ड के आधार पर बनाए जाएं। उन्होंने विश्व विकलांग विद्यालय बनवाए जाने, विकलांग एवं विधवाओं को रोजगार का प्रशिक्षण देकर बेरोजगार विकलांगाें को रोजगार दिलाए जाने और विकलांग, विधवा एवं वृद्धावस्था की रुकी हुई पेेंशन दिलाए जाने पर जोर दिया।
इस मौके पर हमीरपुर जिलाध्यक्ष रघुनाथ विश्वकर्मा, जुगराज सिंह कुशवाहा, श्याम गोविंद द्विवेदी, सरगम खरे, अरविंद यादव, शरद तिवारी दाऊ, रामजी गुप्ता आदि मौजूद रहे।