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Mahoba News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद
Thu, 24 Aug 2023 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:58 AM IST
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महोबा। किशोरी को बहला-फुसलाकर घर ले जाने और दुष्कर्म करने के चार साल पुराने मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।
कोतवाली चरखारी के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी 19 अगस्त 2019 की रात 12 बजे घर से लापता हो गई। परिजनों ने गांव और रिश्तेदारियों में खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 23 अगस्त को पिता को जानकारी हुई कि उसकी पुत्री को गांव का ही संतपाल उर्फ मंझा अपने घर पर रखे हुए है। पिता ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने संतपाल के यहां पहुंचकर उसके घर की जांच की तो किशोरी वहीं पर मिली। इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष जज पॉस्को एक्ट) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमर कुमार सिंह ने बताया कि दोषी संतपाल उर्फ मंझा को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। अधिवक्ता पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दोषी ने नाबालिग से शादी कर ली थी और उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि, किशोरी ने बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से वहां गईं थी लेकिन नाबालिग होने के चलते उसके बयानों को नहीं माना गया। उसके पिता के बयानों व तहरीर के आधार पर सजा सुनाई गई।
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कोतवाली चरखारी के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी 19 अगस्त 2019 की रात 12 बजे घर से लापता हो गई। परिजनों ने गांव और रिश्तेदारियों में खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 23 अगस्त को पिता को जानकारी हुई कि उसकी पुत्री को गांव का ही संतपाल उर्फ मंझा अपने घर पर रखे हुए है। पिता ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने संतपाल के यहां पहुंचकर उसके घर की जांच की तो किशोरी वहीं पर मिली। इसके बाद पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
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अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष जज पॉस्को एक्ट) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमर कुमार सिंह ने बताया कि दोषी संतपाल उर्फ मंझा को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। अधिवक्ता पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दोषी ने नाबालिग से शादी कर ली थी और उसके साथ दुष्कर्म किया। हालांकि, किशोरी ने बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से वहां गईं थी लेकिन नाबालिग होने के चलते उसके बयानों को नहीं माना गया। उसके पिता के बयानों व तहरीर के आधार पर सजा सुनाई गई।
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