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विद्यालयों में तालाबंदी कर शिक्षकों ने किया धरना प्रदर्शन
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महोबा। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में मंगलवार को जिले भर के शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर स्कूलों में तालाबंदी की। शिक्षकों ने विरोध दिवस मनाते हुए बीआरसी कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें पुरानी पेंशन बहाल करने व प्रेरणा एप को समाप्त करने की मांग की।
धरने पर बैठे शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा ने कहा कि तीन साल से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश दिए जा रहे है। जहां आदेश शिक्षकों की सेवा शर्तों पर कुठाराघात कर रहे हैं, वहीं उनको अपमानित भी कर रहे हैं। कहा कि 1,58,914 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 1,27,000 विद्यालयों से प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए। कहा कि शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे तमाम शिक्षक अपने परिवारों से अलग रहने को मजबूर हैं। संयोजक प्रान सिंह यादव ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पांच सहायक अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक जबकि प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन सहायक अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की जाए।
धरने के बाद शिक्षकों ने 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी पूनम निगम को सौंपा। जिसमें पुरानी पेंशन बहाल कराने, प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व लिपिक की नियुक्ति किए जाने, विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल किए जाने, शिक्षकों के उनके गृह जनपद में अंतरजनपदीय स्थानांतरण शीघ्र किए जाने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति एसीपी व कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजकुमार दिहुलिया, सुशील त्रिपाठी, अनूप द्विवेदी, दयाराम वर्मा, प्रवीण सिंह, देवेंद्र चतुर्वेदी, अशोक शुक्ला, सौरभ, तेजनिरंजन, समीम अहमद आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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धरने पर बैठे शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा ने कहा कि तीन साल से बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश दिए जा रहे है। जहां आदेश शिक्षकों की सेवा शर्तों पर कुठाराघात कर रहे हैं, वहीं उनको अपमानित भी कर रहे हैं। कहा कि 1,58,914 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 1,27,000 विद्यालयों से प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए। कहा कि शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे तमाम शिक्षक अपने परिवारों से अलग रहने को मजबूर हैं। संयोजक प्रान सिंह यादव ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पांच सहायक अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक जबकि प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन सहायक अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की जाए।
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धरने के बाद शिक्षकों ने 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी पूनम निगम को सौंपा। जिसमें पुरानी पेंशन बहाल कराने, प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व लिपिक की नियुक्ति किए जाने, विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल किए जाने, शिक्षकों के उनके गृह जनपद में अंतरजनपदीय स्थानांतरण शीघ्र किए जाने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति एसीपी व कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजकुमार दिहुलिया, सुशील त्रिपाठी, अनूप द्विवेदी, दयाराम वर्मा, प्रवीण सिंह, देवेंद्र चतुर्वेदी, अशोक शुक्ला, सौरभ, तेजनिरंजन, समीम अहमद आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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