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शिक्षकों ने नाट्य व नृत्य प्रस्तुतियों से मोहा सभी का मन
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कुलपहाड़ (महोबा)। कस्बे के रामरतन भुवनेश कुमार पब्लिक स्कूल में जारी बाल महोत्सव का सोमवार को रंगारंग समापन हो गया। अंतिम दिन विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने गीत, नाट्य व नृत्य के माध्यम के छात्र छात्राओं का मन मोहा। शिक्षकों के अभिनय व नृत्य कौशल को देखकर बच्चों ने ताली बजाते हुए जमकर ठहाके लगाए।
कार्यक्रम की शुरुआत नाट्य प्रस्तुतियों से हुई। आकाश हाउस की शिक्षिका हिना, तृप्ति, रीना, रश्मि, अंजना, नीतू, माधवी, भारती, अनीता व अवंतिका ने ‘बेटी बचाओ’ नाटक के माध्यम बालिका शिक्षा के मुद्दे उठाए। सागर हाउस के शिक्षक पुष्पेंद्र, सिद्धगोपाल, पंकज, कमल, अंकुश, नीलेश, अतुल ने नरेंद्र सिंह के निर्देशन में ‘आई एम आजाद’ नाटक के माध्यम से असहयोग आंदोलन, काकोरी कांड समेत इतिहास की तमाम घटनाओं को समेटते हुए मार्मिक नाट्य प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। चंदशेखर आजाद की भूमिका निभा रहे उत्कर्ष मिश्रा का अभिनय सराहनीय रहा।
पृथ्वी हाउस की शिक्षिकाओं साफिया, नित्या, रूबी, शहजादी, रिंकी, हिना, आराधना, सोनाली व मेघा ने ‘फनी बट वाइटल’ नाटक से कभी हंसाया तो कभी सोचने पर मजबूर किया। सृष्टि हाउस के शिक्षक शुभम, अनुराग, विपिन, मयंक ने ‘एजुकेशन सिस्टम’ पर व्यंग करते हुए नाटक पेश किया। आकाश हाउस की महिला शिक्षकों ने दूसरे चरण की शुरुआत कव्वाली से की। सृष्टि हाउस के शिक्षकों ने पैरोडी सांग पर नृत्य कर बच्चों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर प्रिंसिपल अमित कुमार अग्रवाल ने बाल महोत्सव के विजेताओं को शील्ड देकर सम्मानित किया। संचालन राकेश कुमार ने किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत नाट्य प्रस्तुतियों से हुई। आकाश हाउस की शिक्षिका हिना, तृप्ति, रीना, रश्मि, अंजना, नीतू, माधवी, भारती, अनीता व अवंतिका ने ‘बेटी बचाओ’ नाटक के माध्यम बालिका शिक्षा के मुद्दे उठाए। सागर हाउस के शिक्षक पुष्पेंद्र, सिद्धगोपाल, पंकज, कमल, अंकुश, नीलेश, अतुल ने नरेंद्र सिंह के निर्देशन में ‘आई एम आजाद’ नाटक के माध्यम से असहयोग आंदोलन, काकोरी कांड समेत इतिहास की तमाम घटनाओं को समेटते हुए मार्मिक नाट्य प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। चंदशेखर आजाद की भूमिका निभा रहे उत्कर्ष मिश्रा का अभिनय सराहनीय रहा।
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पृथ्वी हाउस की शिक्षिकाओं साफिया, नित्या, रूबी, शहजादी, रिंकी, हिना, आराधना, सोनाली व मेघा ने ‘फनी बट वाइटल’ नाटक से कभी हंसाया तो कभी सोचने पर मजबूर किया। सृष्टि हाउस के शिक्षक शुभम, अनुराग, विपिन, मयंक ने ‘एजुकेशन सिस्टम’ पर व्यंग करते हुए नाटक पेश किया। आकाश हाउस की महिला शिक्षकों ने दूसरे चरण की शुरुआत कव्वाली से की। सृष्टि हाउस के शिक्षकों ने पैरोडी सांग पर नृत्य कर बच्चों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर प्रिंसिपल अमित कुमार अग्रवाल ने बाल महोत्सव के विजेताओं को शील्ड देकर सम्मानित किया। संचालन राकेश कुमार ने किया।
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