महोबा। अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी से मुक्त कराने में अहम योगदान निभाने वाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
बुंदेली समाज ने गोरखगिरि में सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर पुष्प अर्पित किए। संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि देशनायक सुभाष का जन्म उड़ीसा के कटक में जानकीनाथ बोस व प्रभावती के घर 1897 में हुआ था। 24 वर्ष में उन्होंने भारतीय सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर ली थी लेकिन अंग्रेजी हुकूमत की नौकरी नहीं की।
अब भारत सरकार ने पराक्रम दिवस के रूप में उनकी जयंती मनाने का फैसला लेकर सराहनीय पहल की है। इस मौके पर अवधेश गुप्ता, प्रवीण चौरसिया, सिद्ध गोपाल सेन, ग्यासी लाल आदि मौजूद रहे। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान कार्यालय में महामंत्री बीके तिवारी ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। इस मौके पर शिवकुमार त्रिपाठी, महादेव प्रसाद आदि मौजूद रहे। जीजीआईसी में प्रधानाचार्या सरगम खरे ने सुभाषचंद्र बोस को महान राष्ट्रभक्त, क्रांतिवीर व मां भारती के सच्चे सपूत बताया।