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सच्चा मित्र बनने की प्रेरणा देती श्रीमद्भागवत
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Sat, 27 Dec 2014 01:03 AM IST
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कथावाचिका कु. रागिनी ने कहा जीवन में सच्चे मित्र बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। हमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से प्रेरणा लेकर सुख और दुख में अपने मित्रों की हरसंभव मदद करनी चाहिए।
उन्होने कहा सच्चा मित्र प्रकाश की किरण के समान है जो समस्याआें के अंधेरे को दूर कर देती है। और श्रीमद्भागवत कथा सच्चा मित्र बनने की प्रेरणा देती है ।
कथावाचिका कु. रागिनी शुक्रवार को शहर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुआें को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रही थीं।
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उन्हाेंने कहा भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा की दुख की घड़ी में सहायता मदद कर उनका जीवन बदल दिया। कहा सुदामा के आने का समाचार मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण दौड़ते हुए आए और सुदामा के गले लग गए।
कथावाचिका ने कहा जीवन में मित्र ही संकट में काम आता है। श्रीमद्भागवत कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाने के साथ भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से प्रेरणा लेकर सच्चा मित्र बनने के लिए भी प्रेरित करती है।
सच्चा मित्र वही हैं जो दुख के समय अपने मित्र की मदद करें। कार्यक्रम के दौरान उन्हाेंने भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा सुनने के लिए महिलाआें की भारी भीड़ जुटी।
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उन्होने कहा सच्चा मित्र प्रकाश की किरण के समान है जो समस्याआें के अंधेरे को दूर कर देती है। और श्रीमद्भागवत कथा सच्चा मित्र बनने की प्रेरणा देती है ।
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कथावाचिका कु. रागिनी शुक्रवार को शहर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुआें को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रही थीं।
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उन्हाेंने कहा भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा की दुख की घड़ी में सहायता मदद कर उनका जीवन बदल दिया। कहा सुदामा के आने का समाचार मिलते ही भगवान श्रीकृष्ण दौड़ते हुए आए और सुदामा के गले लग गए।
कथावाचिका ने कहा जीवन में मित्र ही संकट में काम आता है। श्रीमद्भागवत कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाने के साथ भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से प्रेरणा लेकर सच्चा मित्र बनने के लिए भी प्रेरित करती है।
सच्चा मित्र वही हैं जो दुख के समय अपने मित्र की मदद करें। कार्यक्रम के दौरान उन्हाेंने भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कथा सुनने के लिए महिलाआें की भारी भीड़ जुटी।