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रूक्मणि की कथा सुन भाव विभोर हुए भक्त
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:17 PM IST
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कथा वाचक सुशील महराज ने कहा कि भगवान कृष्ण ने द्वापर युग
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में कंस का नाश कर मथुरा और बृज के लोगों को कंस के अत्याचार से मुक्ति
दिलाई। भगवान ने अपनी सुंदर भाव भंगिमाओं के साथ अलौकिक लीलाएं कर लोगों को
प्रेम रस का रसपान भी कराया। जिससे आज भी उनकी सूरत हर घर के जनजीवन में
छाई हुई हैं।
कस्बे के इंदिरा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने मर्यादित आचरण के साथ लोगों को जीने की कला सिखाई। तो वहीं धर्म के विरुद्ध चलने वाले कौरवों को भी मात देकर स्वर्ग लोक पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि धर्म परायण कृष्ण ने धर्म के मार्ग पर चलने का पांडवों को उपदेश ही नहीं दिया, बल्कि स्वयं भी उनका साथ दिया। उन्होंने कह कि धर्म पर चलने वालों की कभी हार नहीं होती। उन्होंने रुक्मणि की कथा सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर रामजी गुप्ता, प्रेरणा गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, बद्री गुप्ता, दिलीप, सूरज, उर्मिला गुप्ता, शोभा, रामकेश, उमेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
कस्बे के इंदिरा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने मर्यादित आचरण के साथ लोगों को जीने की कला सिखाई। तो वहीं धर्म के विरुद्ध चलने वाले कौरवों को भी मात देकर स्वर्ग लोक पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि धर्म परायण कृष्ण ने धर्म के मार्ग पर चलने का पांडवों को उपदेश ही नहीं दिया, बल्कि स्वयं भी उनका साथ दिया। उन्होंने कह कि धर्म पर चलने वालों की कभी हार नहीं होती। उन्होंने रुक्मणि की कथा सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर रामजी गुप्ता, प्रेरणा गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, बद्री गुप्ता, दिलीप, सूरज, उर्मिला गुप्ता, शोभा, रामकेश, उमेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।