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Mahoba News: दुर्लभ कल्पवृक्ष को रक्षासूत्र बांध बचाने का लिया संकल्प

Fri, 01 Sep 2023 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Fri, 01 Sep 2023 01:02 AM IST
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Resolved to save rare Kalpavriksha by making Rakshasutra dam
महोबा। पर्यावरण प्रेमियों ने रक्षाबंधन पर ब्लॉक कबरई के सिचौरा गांव स्थित करीब दो हजार वर्ष पुराने दुर्लभ कल्पवृक्ष पर 42 फीट लंबा रक्षासूत्र बांधकर उसने बचाने का संकल्प लिया। इस दौरान जुड़वां कल्पवृक्ष की सेहत देखने राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. राम सेवक चौरसिया भी सिचौरा पहुंचे। इस दौरान बुंदेलों ने सौ साल पुराने वृक्षों को बचाने की मांग की।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि देश में कल्पवृक्षों की संख्या दो दर्जन से कम है। संयोग से इनमें से दो वृक्ष बुंदेलखंड में मौजूद हैं। महोबा के अलावा हमीरपुर में यमुना किनारे एक हजार साल पुराना कल्पवृक्ष लगा है। शहर में होने की वजह से उसका रख-रखाव बेहतर है लेकिन दूरस्थ गांव में होना महोबा के कल्पवृक्ष का दुर्भाग्य बन गया है।
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पूर्व प्रधान वैज्ञानिक ने कहा कि अगर सिचौरा के कल्पवृक्ष का ठीक से रख-रखाव हो तो यह भी बाराबंकी के कल्पवृक्ष की तरह 5 हजार साल तक जीवित रह सकता है। बुंदेली समाज के महामंत्री डाॅ. अजय बरसैया ने कहा कि बरसात में नये पेड़ लगाने पर ज्यादा जोर दिया जाता है लेकिन हमारी विरासत बन चुके पुराने वृक्षों की सेहत की देखभाल और सुरक्षा पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता। इस मौके पर दिलीप जैन, मनीष जैदका, अवधेश गुप्ता, दिनेश खरे, प्रवीण चौरसिया, गया प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।
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