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प्राईवेट विद्यालय बच्चों की जिंदगी से कर रहे खिलवाड़

Thu, 12 Dec 2019 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 12:06 AM IST
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Private schools are playing with the lives of children
महोबा। जिले में चल रहे ज्यादातर मांटेसरी स्कूल बच्चों की जिदंगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कई विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि अधिकांश विद्यालयों के भवन भूकंपरोधी होना तो दूर पुरानी इमारतों में ही विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिससे बच्चे स्कूलों में पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है।
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गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इमारतों को भूकंपरोधी बनाया गया है, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त 90 फीसदी विद्यालयों की इमारतें भूकंपरोधी नहीं बनाई गई हैं। कुछ विद्यालयों में तो पक्की छत न होने पर टीन डालकर छात्रों के बैठने का इंतजाम कर दिया गया। इतना ही नहीं, ज्यादातर प्राइवेट विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं। इससे आग लगने पर बच्चों को बचाना मुश्किल है। अग्निशमन विभाग द्वारा आदेश देने के बाद भी ज्यादातर विद्यालयों और कोचिंग सेंटरों ने अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की।
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विद्यालयों में बिजली कनेक्शन तो करा दिए गए लेकिन विद्यालयों में लोड के हिसाब से कनेक्शन नहीं लिए गए। इससे कई-कई कक्षों में पंखे, कूलर चलते हैं लेकिन लोड के हिसाब से कनेक्शन न होने कारण अधिक लोड पड़ने से शॉर्ट-सर्किट होने की संभावना बनी रहती है। बावजूद इसके विद्यालय प्रबंधन इससे बेखबर है और धड़ल्ले से मानक के विपरीत विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है।
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प्राईवेट विद्यालयों में नहीं हैं अग्निशमन यंत्र
सुरक्षा की दृष्टि से जिले के परिषदीय विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करा दी गई है। जिससे अग्निकांड की घटनाओं को अग्निशमन यंत्र के जरिए काबू करके बच्चों को सुरक्षित किया जा सके जबकि परिषदीय विद्यालयों से शहरीय क्षेत्रों में दस गुना से अधिक संचालित प्राईवेट विद्यालयों में एकाध को छोड़कर किसी भी विद्यालय में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं है।

जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करने के पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे। इसके बाद विद्यालयों का निरीक्षण कराकर बच्चों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और मानक के अनुरूप विद्यालयों का संचालन न पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महेश प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, महोबा
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