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हमीरपुर के बाद महोबा में भी नहीं हो सका मारपीट में घायल गर्भवती का अल्ट्रासाउंड
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महोबा। सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है। मारपीट में घायल गर्भवती तीन दिन से हमीरपुर व महोबा में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भटकती रही। हालत गंभीर होने पर डीएम के आदेश पर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को उसका अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा।
जनपद हमीरपुर के कस्बा राठ के मोहल्ला जुगयाना निवासी नाजमीन की शादी मोहल्ले के ही शहीद से वर्ष 2017 में हुई थी। नाजमीन का आरोप है कि उसे चार माह का गर्भ है, 29 जून को ससुरालवालों ने दहेज के लिए उसे बेरहमी से मारापीटा। पेट में चोट आने के चलते उसकी बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे सीएचसी राठ ले आए। जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत बताते हुए हमीरपुर रेफर कर दिया। गुरुवार को हमीरपुर में अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद होने पर सुविधा नहीं मिली। शुक्रवार को भी अल्ट्रासाउंड न होने पर पीड़िता को महिला कांस्टेबल सरिता जिला अस्पताल महोबा लेकर पहुंचीं लेकिन यहां भी अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला।
महिला सिपाही ने सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा को मामले से अवगत कराया। इसी दौरान अस्पताल पहुंचे डीएम मनोज कुमार से पीड़िता के पिता मुबारक व भाई फारुख ने पूरा मामला बताया। जिस पर डीएम ने पीड़िता को महिला अस्पताल में भर्ती कराया। पिता ने बताया कि तीन दिन से वह अल्ट्रासाउंड के लिए भटक रहे हैं।
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सीएमएस डा.आरपी मिश्रा का कहना है कि हमीरपुर से महिला सिपाही के साथ आई पीड़िता को भर्ती कराया गया है। शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा।
एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे तीन जिला
महोबा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट सुरेश कुमार पर हमीरपुर व बांदा जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी है। अलग-अलग दिनों में संबंधित अस्पताल पहुंचकर अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। महोबा जिला अस्पताल में मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को अल्ट्रासाउंड होने का दिन निर्धारित है। इसके अलावा वह बांदा व हमीरपुर में अल्ट्रासाउंड करते हैं। जिससे मरीजों को नियमित अल्ट्रासाउंड का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जनपद हमीरपुर के कस्बा राठ के मोहल्ला जुगयाना निवासी नाजमीन की शादी मोहल्ले के ही शहीद से वर्ष 2017 में हुई थी। नाजमीन का आरोप है कि उसे चार माह का गर्भ है, 29 जून को ससुरालवालों ने दहेज के लिए उसे बेरहमी से मारापीटा। पेट में चोट आने के चलते उसकी बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे सीएचसी राठ ले आए। जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत बताते हुए हमीरपुर रेफर कर दिया। गुरुवार को हमीरपुर में अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद होने पर सुविधा नहीं मिली। शुक्रवार को भी अल्ट्रासाउंड न होने पर पीड़िता को महिला कांस्टेबल सरिता जिला अस्पताल महोबा लेकर पहुंचीं लेकिन यहां भी अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला।
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महिला सिपाही ने सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा को मामले से अवगत कराया। इसी दौरान अस्पताल पहुंचे डीएम मनोज कुमार से पीड़िता के पिता मुबारक व भाई फारुख ने पूरा मामला बताया। जिस पर डीएम ने पीड़िता को महिला अस्पताल में भर्ती कराया। पिता ने बताया कि तीन दिन से वह अल्ट्रासाउंड के लिए भटक रहे हैं।
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सीएमएस डा.आरपी मिश्रा का कहना है कि हमीरपुर से महिला सिपाही के साथ आई पीड़िता को भर्ती कराया गया है। शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा।
एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे तीन जिला
महोबा में तैनात रेडियोलॉजिस्ट सुरेश कुमार पर हमीरपुर व बांदा जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी है। अलग-अलग दिनों में संबंधित अस्पताल पहुंचकर अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। महोबा जिला अस्पताल में मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को अल्ट्रासाउंड होने का दिन निर्धारित है। इसके अलावा वह बांदा व हमीरपुर में अल्ट्रासाउंड करते हैं। जिससे मरीजों को नियमित अल्ट्रासाउंड का लाभ नहीं मिल पा रहा है।