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महोबाः बच्चों को निमोनिया से बचाव को पीसीवी वैक्सीन लगाई गई
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बच्चों को दवा खिलाकर कार्यक्रम का आगाज करते जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी
- फोटो : MAHOBA
महोबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गुरुवार को नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बजरिया में न्यूमोकोकल वैक्सीन और कृमि दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने बच्चों को अल्बेंडाजॉल ( पेट के कीड़े मारने की दवा) और विटामिन ए की खुराक देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही बच्चों को पहली बार न्यूमोकोकल वैक्सीन लगाई गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे का बचपन स्वस्थ होगा तो उसका पूरा जीवन स्वस्थ रहता है। कोरोना संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग सभी कार्यक्रमों को पूरी तत्परता से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। कोविड से लड़ाई में सबसे बड़ी भूमिका स्वास्थ्य विभाग की है।
संक्रमण को नियंत्रित करने और मरीजों के ठीक होने की दर को बढ़ाने व मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन का नियमित टीकाकरण जरूरी है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि निमोनिया टीकाकरण में जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन लगाई जाएगी। एक से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को अल्बेंडाजॉल और विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। कहा कि जनपद में लगभग 11.08 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीआर रत्मेले ने बताया कि विटामिन-ए की कमी से बच्चों में रतौंधी, अंधापन, दस्त, निमोनिया होने का खतरा रहता है। इस दौरान डीईआईसी मैनेजर डॉ. अंबुज गुप्ता, डीपीएम ममता अहिरवार, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसएन वर्मा, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक मनोज कुमार लाल, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह, फिरोज अहमद, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
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जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे का बचपन स्वस्थ होगा तो उसका पूरा जीवन स्वस्थ रहता है। कोरोना संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग सभी कार्यक्रमों को पूरी तत्परता से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। कोविड से लड़ाई में सबसे बड़ी भूमिका स्वास्थ्य विभाग की है।
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संक्रमण को नियंत्रित करने और मरीजों के ठीक होने की दर को बढ़ाने व मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसमें काफी हद तक सफलता मिली है। शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन का नियमित टीकाकरण जरूरी है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि निमोनिया टीकाकरण में जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन लगाई जाएगी। एक से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को अल्बेंडाजॉल और विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। कहा कि जनपद में लगभग 11.08 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीआर रत्मेले ने बताया कि विटामिन-ए की कमी से बच्चों में रतौंधी, अंधापन, दस्त, निमोनिया होने का खतरा रहता है। इस दौरान डीईआईसी मैनेजर डॉ. अंबुज गुप्ता, डीपीएम ममता अहिरवार, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसएन वर्मा, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक मनोज कुमार लाल, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह, फिरोज अहमद, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।